दिल में देश सेवा का जज्बा लिए हजारों युवाओं का हुजूम फौज में शामिल होने के लिए उमड़ पड़ा। मेला मैदान में सेना की भर्ती के पहले दिन चमोली के युवाओं ने अपना दमखम दिखाया।
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भर्ती में साढ़े ग्यारह हजार युवाओं ने प्रतिभाग किया, जिसमें 735 युवाओं ने दौड़ में सफलता अर्जित की। इन युवाओं के अन्य फिजिकल टेस्ट जारी थे।
एक किमी लंबी लाइन लग गई
रात्रि ढाई बजे से ही हवाई पट्टी पर युवाओं का एकत्र होना शुरू हो गया था। बंदरखंड से हवाई पट्टी तक करीब एक किमी लंबी लाइन लगी रही।
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इस दौरान सिख रेजीमेंट के जवानों ने युवाओं को भर्तीं के बारे में पूरी जानकारी दी गई। यहां ग्रुप के आधार पर युवाओं को अलग-अलग किया गया।
सुबह साढ़े पांच बजे से मिलने शुरू हुए टोकन
प्रात: साढ़े पांच बजे टोकन प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद ग्रिफ चौराहे पर युवाओं की ऊंचाई नापी गई, जिसके आधार पर सफल अभ्यर्थी को भी मैदान में जाने दिया गया। प्रात: सात बजे 150 युवाओं के ग्रुप की पहली दौड़ हुई।
तीन बजे से शुरू होगी
भर्ती निदेशक कर्नल बीके बग्गल ने बताया कि पुलिस बल अपेक्षा के अनुसार कम था। लेकिन जो तैनात थे, उन्होंने पूरा सहयोग दिया। बताया कि बुधवार से रात्रि तीन बजे से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
10 बजे के बाद नहीं मिला प्रवेश
सेना में भर्ती होने पहुंचे लगभग 2 सौ युवा रैली में शामिल नहीं हो सके। 10 बजे के बाद हवाई पट्टी पर पहुंचने से उन्हें सेना ने बाहर कर दिया।
आपदा प्रभावित क्षेत्र के युवाओं में दिखा जोश
मेला मैदान में शुरू हुई भर्ती रैली में जनपद चमोली के आपदा प्रभावित गांवों के कई युवाओं में गजब का जोश देखने को मिला। दौड़ से लेकर अन्य क्रिया-कलापों में बेहतर करने का जज्बा उनके चेहरे से झलक रहा था, जिसे उन्होंने साबित भी किया।
आपदा में सेना के कार्य ने किया प्रभावित
दौड़ में सफल रहे आपदा प्रभावित नारायणबगड़ और देवाल ब्लाक के युवाओं का कहना था कि उन्हें भर्ती के लिए सेना ने प्रेरित किया है। बीते वर्ष जून में आई आपदा में उनके गांव भी प्रभावित हो गए थे।
रास्तों के टूटने से राशन सहित जरूरी वस्तुओं की सप्लाई ठप हो गई थी। ऐसे में सेना ने ही हेलीकाप्टर से गांवों में राशन पहुंचाई। केदारनाथ और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को भी सुरक्षित गौचर और जोशीमठ पहुंचाया।
सैंज गांव के भगत नेगी के पिता और भाई फौज में हैं। पालछुनी के दीपक का भाई भी फौज में है। उक्त का कहना था कि उन्हीं की प्रेरणा से वे इस भर्ती रैली में शामिल हुए हैं।
मेला मैदान में व्यवस्थाएं रहीं नदारद
सेना भर्ती रैली में व्यवस्थाओं का दावा करने वाली नगर पंचायत मेला मैदान से बरसाती पानी भी साफ नहीं करा पाई। हवाई पट्टी में सिर्फ तीन स्ट्रीट लाइटें जली रहीं, जिस कारण कई स्थानों पर अंधेरा पसरा रहा।
बाजार में भी यातायात व्यवस्था भी पटरी से उतरी नजर आई। भीड़ के बावजूद पुलिस ने यहां वाहनों के संचालन के लिए उचित व्यवस्था नहीं की।
लोग हुए परेशान
सेना की भर्ती रैली ने जहां स्थानीय स्तर पर व्यवसाय को गति प्रदान की। वहीं आमजन के लिए परेशानी का सबब भी हो रही है। पहले ही दिन युवाओं के सैलाब से जहां राहगीरों को खासी दिक्कतें हुई।
जीआईसी में ठहरे कुछ युवाओं द्वारा बंद कमरों के ताले तोड़ने और कुछ के एक पब्लिक स्कूल की चटाई और पोस्टर फूंकने का मामला भी प्रकाश में आया है। सभी भर्ती रैली में आए थे।
मदद करते रहे सेना के जवान
भर्ती रैली में सेना के अधिकारी हो चाहे जवान, युवाओं का हौसला बढ़ाते नजर आए। हवाई पट्टी में ठिठुरन के मौके पर हो, चाहे दौड़ से लेकर बीम व अन्य परीक्षण, युवाओं को प्रेरित करते रहे।
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भर्ती निदेशक कर्नल बीके बग्गल ने स्वयं ने बेहतर प्रदर्शन का आह्वान किया। वहीं शैक्षिक और अन्य प्रमाणपत्रों सहित फार्म भरने में सेना के जवान और अन्य कर्मचारी युवाओं की मदद करते रहे।