केवल व्यवस्था और अपनी सुविधा हासिल करने के लिए रचा जा रहा कुचक्र
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि प्रयाग में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कुंभ का आयोजन किया गया। भव्य और दिव्य स्वरूप देखकर ही हरिद्वार में आयोजन की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ चंद दिनों से संत का वेष धारण करने वाले केवल अपनी सुविधा और व्यवस्था पाने की कोशिश में हैं। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कुचक्र प्रमुख अखाड़ों के संत, महंत और शासन भी समझ चुका है जो सनातन संस्कृति के उत्थान में अवरोध उत्पन्न करना चाहते हैं।
प्रत्येक बैठक में शामिल हो रहे हैं प्रमुख अखाड़ों के दो शीर्ष संत
श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने अपने जारी वीडियो बयान में कहा कि अखाड़ा परिषद हरिद्वार कुंभ और नासिक के साथ उज्जैन में होने वाले महाकुंभ की तैयारियां कर रही है। इसके लिए अखाड़ों के साथ विचार विमर्श करने के साथ संबंधित राज्य सरकारों से वार्ता भी की जा रही है। हर राज्य में हो रही बैठक में सभी अखाड़ों के दो-दो प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। हरिद्वार कुंभ में सभी अखाड़े प्रतिभाग करेंगे। अखाड़ों की पेशवाई और शाही स्नान का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ में 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे इससे सनातन धर्म संस्कृति का परचम पूरी दुनिया में फहराएगा।
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बुधवार की बैठक में एक धड़े ने की थी कार्यकारिणी की घोषणा
बता दें, कि बुधवार को एक वीडियो वायरल हुआ इसमें कुछ आश्रम से जुड़े संतों ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की कार्यकारिणी पर ही सवाल उठाया था। बाकायदा एक वीडियो बयान जारी करते हुए इसमें कहा गया था कि अर्धकुंभ कुंभ नहीं हो सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्णय पर भी प्रश्न चिन्ह खड़े किए थे। यहीं नहीं बाकायदा एक कार्यकारिणी गठित कर अपने धड़े को अलग बताया था।