मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से अर्द्ध कुंभ 2016 के लिए 500 करोड़ रुपए की मांग की है।
शनिवार को जेटली से मुलाकात में मुख्यमंत्री ने कई अन्य योजनाओं के लिए भी रकम और केंद्रीय छूट देने की मांग की। इसमें आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के ऋण पर ब्याज माफी, प्रभावित क्षेत्रों के व्यवसायियों को सर्विस टैक्स में तीन साल की छूट देना भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से कहा कि केंद्र सरकार कुंभ जैसे बड़े आयोजनों में केंद्रीय अनुदान के लिए मानव संख्या के आधार पर धनराशि उपलब्ध कराती है। कहा कि हरिद्वार अर्द्ध कुंभ विशिष्ट स्थान रखता है। 2016 में कम से कम लगभग 7-8 करोड़ लोगों के देश-विदेश से आने की संभावना है।
इस आधार पर केंद्र सरकार 500 करोड़ रुपये की धनराशि तत्काल निर्गत करे। कहा कि आपदा के बाद मेला क्षेत्र की अधिकांश ढांचागत परिसंपत्तियां गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। धनराशि मिलने पर फिर से स्थायी परिसंपत्तियों का सृजन कर राज्य सरकार इनका दीर्घकालिक उपयोग कर सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदाग्रस्त रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में लोगों के पर्यटन व्यवसाय, होटल, भवन, ढाबा और दुकान आदि क्षतिग्रस्त हुए हैं। लोगों का रोजगार छिन गया है। इसे ध्यान में रखकर केंद्र सरकार ने 2013-14 की अवधि के लिए सेवा कर माफ किया था।
इसे अगले दो वित्तीय वर्षों तक के लिए विस्तारित करने की जरूरत है। क्योंकि आपदाग्रस्त लोगों को दोबारा रोजगार स्थापित करने में 3-4 वर्ष लगेंगे। बताया कि राज्य सरकार ने इन जिलों में मनोरंजन आदि करों में छूट प्रदान की है।