इन विद्यालयों के लिए इतनी धनराशि हुई मंजूर
-जीआईसी मनसूना रुद्रप्रयाग के लिए 142 लाख
-इंटर कालेज घिमतोली के लिए 121 लाख
-इंटर कालेज सिद्धसौड़ के लिए 146 लाख
-जीआईसी नैटवाड़ उत्तरकाशी के लिए 137 लाख
-इंटर काॅलेज बडेथ के लिए 141 लाख
-रानागीठ इंटर काॅलेज के लिए 149 लाख
-जीआईसी ग्वासापुल देहरादून के लिए 125 लाख
-माजरीग्रांट के लिए 118 लाख
-पजिटिलानी के लिए 107 लाख
-जीआईसी गुनियालगांव के लिए 122 लाख
-जीआईसी ढुंगीधार टिहरी के लिए 116 लाख
-कफलोन के लिए 114 लाख
-डांगी नैलचामी के लिए 119 लाख
-जीआईसी जाखी डागर के लिए 113 लाख
-जीआईसी गुरना पिथौरागढ़ के लिए 95 लाख,
-मानले के लिए 73 लाख
-डीडीहाट के लिए 96 लाख,
-आगर के लिए 94 लाख,
-गणई गंगोली के लिए 94 लाख
-बलुवाकोट के लिए 66 लाख
-जीआईसी मदकोट के लिए 105 लाख स्वीकृत किए गए हैं।
क्लस्टर स्कूल, आस-पास के विद्यालय बंद करने की योजना: शिक्षक संघ
राजकीय शिक्षक संघ ने प्रदेश में क्लस्टर विद्यालयों को भविष्य में स्कूल बंद करने की योजना बताते हुए इसका विरोध किया है। संगठन के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष श्याम सिंह सरियाल ने कहा, बिना सही जानकारी जुटाए क्लस्टर स्कूल बनाए जा रहे हैं। इससे भविष्य में स्कूल बंद होने से शिक्षकों के पद समाप्त होंगे। कहा, प्राथमिक विद्यालयों को माध्यमिक के क्लस्टर विद्यालयों के साथ जोड़ना ठीक नही है।
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विभाग की ओर से पूर्व में अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोले गए, लेकिन इन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी है। उन्होंने कहा, विभाग ने इन विद्यायलों के लिए शिक्षकों की स्क्रीनिंग परीक्षा के बाद काउंसलिंग कराई, लेकिन एक महीने बाद भी इनमें शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। राजकीय शिक्षक संघ के गढ़वाल मंडल प्रवक्ता पूरण चंद्र धस्माना ने कहा, क्लस्टर विद्यालय के नाम पर विद्यालय का विलय करने से भविष्य में शिक्षकों की पदोन्नति प्रभावित होगी, जो शिक्षकों के साथ अन्याय है।