उत्तराखंड के बहुचर्चित अनुपमा हत्याकांड मामले का तीन साल पहले 12 दिसंबर 2010 को खुलासा हुआ था।
अगली सुनवाई 19 दिसंबर को
इस दौरान तीन सालों में कुल 72 गवाहों में अभियोजन पक्ष मात्र 31 की गवाही करा पाया है। गुरुवार को इस मामले में मोहल्ले के बच्चे की गवाही होनी थी लेकिन अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने के कारण अगली सुनवाई अब 19 दिसंबर को होगी।
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राजधानी में तीन साल पहले हुए इस हत्याकांड के खुलासे ने लोगों को झकझोर दिया था। पुलिस ने इस मामले में ड्रीप फ्रीजर और मसूरी के जंगल से अनुपमा के शरीर के हिस्से बरामद किए थे।
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अनुपमा के अधिवक्ता एसके मोहंती और एमएस पंत बताते हैं कि अनुपमा के पिता डॉ. वीआर प्रधान और मां गौरीबाला प्रधान प्रकरण की डे टू डे सुनवाई के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखने जा रही हैं।
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दून कोर्ट में तारीख पर पहुंचे अनुपमा के बड़े भाई सुजान प्रधान बताते हैं कि अनुपमा के दोनों बच्चे उनके साथ हैं।