मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आंदोलनकारियों की पेंशन और आरक्षण पर मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर जल्द फैसला लिया जाएगा।
अतिरिक्त अवकाश देने का ऐलान
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिमालय दर्शन योजना लागू करने के साथ उन्होंने राष्ट्रीय पर्वो पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त अवकाश देने का ऐलान किया।
इससे पूर्व राज्यपाल अजीज कुरेशी ने कहा कि पुलिसकर्मियों से जानवरों की तरह काम लिया जा रहा है। उन्हें भी सेना के जवानों की तरह साल में दो माह की छुट्टियां मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चार धामों को सुरंग के जरिए जोडऩे के साथ देख-रेख के लिए समिति गठित करने की बात कही।
मुख्यमंत्री हरीश रावत और राज्यपाल अजीज कुरैशी रविवार को पुलिस लाइन में स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में बोल रहे थे। पुलिस स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर काम का काफी बोझ है।
नेशनल हॉलीडै पर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त छुट्टी दी जाएगी। इससे पहले राज्यपाल ने कहा कि पुलिस वालों से जानवरों की तरह काम लिया जाता है। पुलिस के जवानों को भी सेना के जवानों की तरह छुट्टियां मिलनी चाहिए।
चारधाम को आपस में सुरंगों से जोड़ा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अगले वर्ष से राज्य में हिमालय दर्शन योजना शुरू की जाएगी। राज्य आंदोलनकारियों को पेंशन और आरक्षण की मांग पर मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
बातों-बातों में नेताओं को नसीहत दे गए राज्यपाल
इस दौरान राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी अपने कड़क अंदाज में नेताओं को नसीहत देने में पीछे नहीं रहे। प्रजातंत्र में राजनैतिक विवाद की भी एक सीमा होना चाहिए, क्योंकि हर किसी का मकसद सूबे के विकास को गति देना है। 14 साल बाद भी पहाड़ों में निवास करने वालों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध न करा पाना बेहद चिंताजनक पहलू हैं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 125 करोड़ देशवासियों को साथ लेकर चलने के संकल्प से राजनीतिज्ञों को सीख लेनी चाहिए, क्योंकि वो सबका साथ और सबका विकास के साथ आगे बढ रहे हैं। सरकार और विपक्ष दोनों मर्यादाओं में रहकर काम करना चाहिए।
सूबे में सरकार और मुख्यमंत्री बदलते रहे हैं, लेकिन मकसद सबका विकास ही रहा है। बावजूद पहाड़ों में रहने वाले 70 प्रतिशत लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं हो पाया है, जो उनका बुनियादी हक है।
पहाड़ी क्षेत्रों में तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें गांव छोडकर शहर की तरफ आने का बहाना न मिले। पहाड़ों से पलायन रोकने केलिए सरकार और विपक्ष को लेकर ठोस कार्ययोजना बनानी चाहिए।
गृह मंत्री नहीं आए नजर
स्थापना दिवस का यह आयोजन गृह मंत्री प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में होना था, लेकिन पूरे समारोह के दौरान वह नजर नहीं आए।
आदोलनकारियों ने किया हंगामा
इस दौरान राज्य आंदोलनकारियों ने नौकरी में आरक्षण और पेंशन की मांग को लेकर हंगामा किया।