केवल पुलकित ने दी थी सहमति
इस पर बाद में फिर से मामला बदला और आरोपियों ने वकील से सलाह लेकर जवाब दाखिल करने को कहा। जनवरी में जब सुनवाई हुई तो केवल पुलकित ने ही अपनी सहमति नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए दी। इस पर न्यायालय ने पुलकित का नार्को टेस्ट कराने की इजाजत दे दी।
पुलिस ने सेंट्रल फोरेंसिक लैब से टेस्ट के लिए समय भी ले लिया। पुलकित का फरवरी में नार्को टेस्ट कराया जाना था। लेकिन, इससे पहले ही पुलकित की ओर से हाईकोर्ट में अपील कर दी गई। हाईकोर्ट ने नार्को पर रोक लगा दी।
अब पुलिस बिना सहमति के ही आरोपियों का नार्को टेस्ट कराना चाहती है। ऐसे में आतंकी कसाब, श्रद्धा हत्याकांड को नजीर बनाकर हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया गया है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. वी मुरुगेशन ने बताया कि इस मामले में अब हाईकोर्ट में पांच मई को सुनवाई होनी है।