पत्र में पुलकित ने कहा, अदालत में धारा-302 से संबंधित कई मुकदमे लंबित हैं, लेकिन हमारे केस में जल्दी-जल्दी तारीख लगा दी जा रही है। पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में मुझ पर जानलेवा हमला किया गया। रिजॉर्ट तोड़ दिया गया। फैक्ट्री में आग लगा दी गई। मेरा सबकुछ बर्बाद कर दिया गया है।
अंकिता का कमरा तोड़कर साक्ष्यों को नष्ट करने का काम किया गया है, लेकिन शासन-प्रशासन की इस कार्रवाई में किसी को आरोपी नहीं बनाया गया। पुलकित ने कहा, यह मेरे खिलाफ एक पक्षीय कार्रवाई की गई है। ऐसे में केस किसी अन्य सक्षम न्यायालय में ट्रांसफर किया जाए।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनुज पुंडीर ने बताया कि मुख्य आरोपी ने जिला कारागार चमोली के माध्यम से एडीजे कोर्ट में केस ट्रांसफर किए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। इस पर 16 फरवरी को सुनवाई होगी।