उत्तराखंड की जनता और मीडिया का आभार जताते हुए सोनी देवी लड़खड़ाकर सड़क पर ही बैठ गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं। बिलखते हुए उन्होंने कहा- हत्यारों को फांसी होनी चाहिए थी, क्योंकि कल को मेरी दूसरी बेटी के साथ भी ऐसा हो सकता है, इसलिए मैं संतुष्ट नहीं हूं। इनको फांसी की सजा होनी चाहिए।
वहीं, पिता बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जिस तरह से इन्होंने मेरी लड़की को मारा है, तो मेरा कहना है कि मौत के बदले मौत। हमारे जीते जी इनको फांसी की सजा होनी चाहिए थी, हम आज हैं, कल नहीं है। हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने के लिए हम हाईकोर्ट भी जाएंगे।
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