सबकुछ कानून के अनुसार ही होगा: वकील
उर्मिला के अधिवक्ता अंकुश कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उर्मिला जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रही हैं। उनके पास जो भी सबूत हैं, वे जांच का हिस्सा हैं। उर्मिला पर लगाए गए अधिकांश अपराध जमानत योग्य हैं और गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। कानून सभी के लिए समान है, और सब कुछ कानून के अनुसार ही होगा। रानीपुर कोतवाली में उर्मिला के खिलाफ दर्ज मामले में एनबीडब्ल्यू जारी किया गया है, उसका निपटारा भी कानून के अनुसार किया जाएगा।
अलग-अलग थानों में दर्ज हैं चार प्राथमिकी
उर्मिला सनावर पर बहादराबाद और झबरेड़ा थाने में हाल ही में ऑडियो वायरल के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके अलावा 2024 में ज्वालापुर कोतवाली में पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रानीपुर में भी एक मामला दर्ज कराया गया था। हरिद्वार जनपद में कुल चार रिपोर्ट दर्ज थी जबकि देहरादून में एक मामला दर्ज है। जनपद में दर्ज मामलों के निस्तारण के लिए पुलिस कप्तान प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने एसआईटी का गठन किया था।
नौ दिन तक भूमिगत रहीं उर्मिला
उमिला सनावर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जब एसआईटी का गठन हुआ तो भूमिगत हो गई थीं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर रोते हुए सामने आया था, जिसमें उन्होंने पुलिस पीछे लगे होने की बात कही थी। करीब नौ दिन तक भूमिगत रहने के बाद वह मंगलवार की रात देहरादून पहुंच गई थी। बुधवार को वहां एसआईटी के सामने पेश होने के बाद बृहस्पतिवार को हरिद्वार पहुंचीं।