उर्मिला और राठौर की बातचीत की रिकॉर्डिंग के अलावा नहीं मिला कोई साक्ष्य
अभिनेत्री उर्मिला सनावर के पास से पुलिस को ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है जिसमें अंकिता हत्याकांड से संबंधित नया तथ्य हो। सनावर के पास केवल एक ऑडियो रिकॉर्डिंग थी जिसे पुलिस ने उसके मुख्य फोन से रिकवर भी कर लिया है। यह रिकॉर्डिंग वही है जिसमें सुरेश राठौर और वह (उर्मिला) एक राजनेता का नाम ले रहे हैं। इस रिकॉर्डिंग में जो बातचीत हो रही हैं उन्हें बल देने के लिए भी कोई साक्ष्य उर्मिला के पास से नहीं मिला है।
दरअसल, पिछले महीने सुरेश राठौर और उर्मिला के बीच बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसके बाद उर्मिला ने कई वीडियो बनाए जिसमें उन्होंने सुरेश राठौर से बातचीत का हवाला देते हुए ही राजनेता का नाम दोहराया था। इन वायरल ऑडियो और वीडियो को पुलिस पहले ही फॉरेंसिक जांच लिए प्रयोगशाला भेज चुकी है। देहरादून पहुंचने के बाद जब उर्मिला से पुलिस ने पूछताछ की तो इन ऑडियो और वीडियो में आए तथ्यों के सापेक्ष साक्ष्य मांगे गए। पुलिस सवाल पर सवाल करती गई और उर्मिला बार-बार इन्हीं ऑडियो और वीडियो को साक्ष्य बताती रहीं। पुलिस के अनुसार ऑडियो में बातचीत किस आधार पर हो रही है क्या ऐसे कोई साक्ष्य हैं जिससे यह बात सिद्ध हो सके इस बारे में उर्मिला के पास कोई जवाब नहीं था।
उर्मिला के पास केवल एक ऑडियो रिकॉर्डिंग और कुछ वीडियो मिले हैं। वीडियो भी उन्होंने खुद रिकॉर्ड किए हैं। अब इन्हीं वीडियो और ऑडियो को दिखाने के लिए उर्मिला बृहस्पतिवार को एसआईटी प्रभारी के सामने पेश होंगी। बताया जा रहा है कि पुलिस की इस शुरुआती पड़ताल में चर्चित अंकिता हत्याकांड की जांच लायक कोई तथ्य नहीं है। बता दें कि उर्मिला ने देहरादून पहुंचने से पहले दावा किया था कि उनके पास अंकिता हत्याकांड में वीआईपी से जुड़े कई साक्ष्य हैं जिसे वह एसआईटी को उपलब्ध कराएंगी। देहरादून में उर्मिला से यहां की दोनों प्राथमिकी से संबंधित पूछताछ की गई। अब हरिद्वार की प्राथमिकी के संबंध में हरिद्वार में एसआईटी पूछताछ करेगी।
सीएम धामी से मिले अंकिता के मां और पिता
- फोटो : अमर उजाला
अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी व माता सोनी देवी ने बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने सीएम को बेटी की हत्या मामले में अपनी भावनाओं से अवगत कराया। सीएम ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिया कि उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक कार्रवाई करेगी। सीएम ने कहा, परिवार को को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सूत्रों के अनुसार सरकार सीबीआई जांच के लिए विधिक राय ले सकती है।
बुधवार देर शाम सीएम आवास में मुख्यमंत्री से मिलकर अंकिता की मां और पिता भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने उन्हें सांत्वना देते हुए परिवार के साथ हर तरह से खड़े रहने का आश्वासन दिया। माता-पिता ने बेटी अंकिता की हत्या से संबंधित अपने मंतव्य व भावनाएं के साथ कुछ दिक्कतें व व्यक्तिगत बातें भी सीएम के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने करीब एक घंटे तक उन्हें पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर तरह से पीड़ित परिवार के साथ है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, इस मामले में न्याय सुनिश्चित कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सीएम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अंकिता के माता-पिता की भावनाओं के अनुरूप सरकार किसी भी जांच को तैयार है। अंकिता के माता-पिता पहले से पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अंकिता के माता-पिता ने फिर से मुख्यमंत्री से बेटी को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग दोहराई। वहीं, हाल के दिनों में बेटी की हत्या के प्रकरण में जिस तरह से राज्य में माहौल बना है, उससे आहत भी हैं।
ये भी पढे़ं...Uttarakhand: अंकिता भंडारी केस,.. एक और ऑडियो हुआ वायरल, महिला पर बड़े नेता का नाम न लेने पर कहा-धोखेबाज
अंकिता हत्या मामले में पिछले दिनों के घटनाक्रम से सरकार भी सीबीआई जांच से इनकार नहीं कर रही है। अंकिता के माता-पिता की भावनाओं के अनुरूप इस प्रकरण प्रकरण में न्यायालय के फैसले या नई जांच को लेकर विधिक राय लेने के बाद सीबीआई जांच पर अंतिम फैसला ले सकेगी। अंकिता के माता-पिता ने पहले सीएम से मुलाकात की, बाद में कुछ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया गया।