देहरादून के नकरौंदा डकैती और अंकित हत्याकांड प्रकरण में बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए सीएम के दिए 36 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होते ही हर्रावाला क्षेत्र के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
सीबीआई जांच की मांग पर हरिद्वार हाईवे जाम
नाराज ग्रामीणों ने घटना के खुलासे और सीबीआई जांच की मांग पर हरिद्वार हाईवे जाम कर दिया। दिनभर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत में जुटे रहे। आखिर सात घंटे बाद ग्रामीणों ने पुलिस को खुलासे के लिए सात दिन की मोहलत देकर जाम खोल दिया।
इस दौरान हाईवे पर सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। नकरौंदा में बुधवार को सहायक कृषि अधिकारी एसएस थपलियाल के घर डकैती हुई थी। थपलियाल के बेटे अंकित की बदमाशों ने हत्या कर दी थी। सीएम हरीश रावत ने पुलिस को खुलासे के लिए 36 घंटे दिए थे। शनिवार को यह समयसीमा खत्म हो गई, लेकिन पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी।
इस पर गुस्साए हर्रावाला, नकरौंदा, बालावाला के सैकड़ों ग्रामीण, बच्चे, महिलाएं रविवार सुबह 10:30 बजे हरिद्वार हाईवे पर पहुंचे। यहां लक्ष्मण सिद्ध मंदिर के पास इन्होंने जाम लगा दिया। ग्रामीण पुलिस, प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
सूचना पर भारी फोर्स मौके पर पहुंची, तब तक दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की कतार लग चुकी थी। कुछ वाहन चालकों ने गांवों के भीतरी मार्गों से निकलने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने इन्हें भी बंद कर दिया। इस दौरान कुछ यात्रियों की प्रदर्शनकारियों से तीखी झड़पें भी हुईं।
दोपहर दो बजे एडीएम प्रताप शाह मौके पर पहुंचे। पहले तो प्रदर्शनकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द ही मामला सुलझा लेगी। लेकिन लोग नहीं माने और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान सीओ मसूरी प्रमोद कुमार ने मोर्चा संभाला।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों को किसी तरह समझाकर शांत किया, जिसके बाद एडीएम से ग्रामीणों ने बातचीत शुरू की। शाम चार बजे एसपी सिटी अजय सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को मामले की प्रगति रिपोर्ट बताई। कहा कि पुलिस के हाथ काफी सुराग लग चुके हैं।
एक सप्ताह में खुलासा कर लिया जाएगा। इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे ग्रामीणों ने पुलिस को वक्त देने के साथ ही जाम खोल दिया।
डीएम नदारद, एडीएम चार घंटे बाद
जाम लगा रहे ग्रामीणों में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की उदासीनता पर भी कड़ी नाराजगी थी। मौके पर सीओ स्तर के अधिकारी लगातार जूझ रहे थे। वे अफसरों को सूचनाएं भी दे रहे थे। लेकिन, कोई वरिष्ठ अफसर सुबह मौके पर नहीं आया।
डीएम चंद्रेश कुमार यादव और एसएसपी अजय रौतेला ने तो हजारों यात्रियों को दिक्कत की जानकारी मिलने के बावजूद शाम तक भी मौके पर आने की जरूरत नहीं समझी। वहीं, एडीएम वित्त प्रताप भी चार घंटे बाद पहुंचे। हालांकि, एसएसपी रविवार सुबह थपलियाल के घर गए थे और घटना के बारे में जानकारी ली थी।
वहीं, दोपहर में प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम से मुलाकात कर सीबीआई जांच की मांग की। सीएम ने कार्रवाई का भरोसा दिया।
दूधली रूट पर रेंगे वाहन
पुलिस ने जाम लगने के आधे घंटे बाद ही दून से ऋषिकेश जाने वाले ट्रैफिक को वाया रायपुर-थानो और हरिद्वार के ट्रैफिक को दूधली-डोईवाला के लिए डायवर्ट किया। लेकिन कुछ देर बाद ही दूधली रोड पर भी वाहन रेंगने लगे। सड़क की चौड़ाई कम और गड्ढे होने से यहां वाहन फंसते रहे और जाम लगता रहा। देर शाम तक यहां वाहन फंसे रहे।
महिलाओं ने संभाले हालात
प्रदर्शन में महिलाएं शामिल न होतीं तो रविवार को हर्रावाला में हालात बिगड़ सकते थे। दरअसल, प्रदर्शनकारियों में कई युवा शराब के नशे में धुत दिखे। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो इनमें से एक ने एक वरिष्ठ अफसर को गाली भी दे डाली।
जवानों से इन युवाओं की गरमागरमी हुई, लेकिन अफसरों ने फोर्स को रोक लिया। इसके बाद महिलाओं ने मोर्चा संभाला और इन युवाओं को पीछे कर माहौल संभाले रखा।
‘सीएम ने नहीं दिया कोई अल्टीमेटम’
वारदात के खुलासे में नाकाम पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के आगे मुख्यमंत्री की ओर से 36 घंटे का कोई अल्टीमेट दिए जाने से भी साफ इनकार कर दिया।
रविवार को प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि सीएम के अल्टीमेटम के बाद भी खुलासा क्यों नहीं हुआ है? इस पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों को भटकाकर ठीकरा मीडिया के सिर फोड़ने की कोशिश की।
कहा, मुख्यमंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था। मीडिया ने मनमर्जी से इस पर खबरें चला दीं। हालांकि, लोगों ने जोर देकर कहा कि क्या सीएम ने सच में समयसीमा नहीं दी थी तो अधिकारी चुप हो गए।
हम यूपी की तरह नहीं
प्रदर्शनकारियों के जल्द खुलासे की मांग पर एक अधिकारी ने कह दिया कि वह चाहे तो उत्तर प्रदेश पुलिस की तरह दो दिन में वारदात खोल सकता था। यह सुन पास खड़े दूसरे अफसर भी चौंक गए। अधिकारी ने कहा, फर्जी लोगों को उठाकर भी खुलासा किया जा सकता है। लेकिन दून पुलिस का मकसद असल अपराधियों को दबोचना है।
वेरिफिकेशन करे पुलिस: सीएम
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार शाम अपराध समीक्षा बैठक में एसएसपी अजय रौतेला और एसपी सिटी अजय सिंह को पूरी राजधानी में सत्यापन अभियान चलाने का निर्देश दिया।
इसके अलावा शहर में प्रवेश करने वाले और यहां रह रहे संदिग्धों पर पैनी नजर रखने के लिए भी कहा गया। सीएम ने अधिकारियों को डकैती और हत्याकांड के जल्द खुलासे का भी निर्देश दिया।