दो दिन तक लगातार हुई बारिश और बर्फबारी उत्तराखंड के वन्यजीवों के लिए फायदेमंद होगी। अप्रैल और मई में गर्मियां बढ़ने के बाद वन्यजीवों को पानी के लिए आबादी में घुसने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
जंगलों में ही पर्याप्त पानी
बारिश से जलस्रोत रिचार्ज होने से वन्यजीवों को जंगलों में ही पर्याप्त पानी मिल जाएगा। जनवरी में बारिश न होने से जंगलों के जलस्रोत अप्रैल-मई तक सूख जाते हैं।
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इससे गर्मी शुरू होने के साथ ही वन्यजीवों के जंगलों से बाहर निकलकर आबादी क्षेत्रों में घुसने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं।
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इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष भी बढ़ने की आशंका बनी रहती है। लेकिन शुक्रवार-शनिवार को हुई अच्छी बारिश और बर्फबारी को इस बार ऐसी घटनाओं पर लगाम का जरिया माना जा रहा है।
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प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव एसएस शर्मा ने बताया कि अब सभी जलस्रोत रिचार्ज हो जाएंगे। अब कम से कम मई तक वन विभाग को जंगलों में पानी की चिंता नहीं सताएगी।
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गुलदार, बाघ, हिरन, हाथी आदि वन्यजीवों को जंगल में ही पर्याप्त पानी मिल जाएगा। शर्मा ने बताया कि बारिश और बर्फबारी से कार्बेट, राजाजी, नंदा देवी, गोविंद पशु विहार सहित अन्य नेशनल पार्क और रिजर्व फारेस्ट के वन्यजीवों को इसका लाभ मिलेगा।