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गंगा में जानवरों की हड्डियां मिलने पर तनाव

Sat, 10 Jan 2015 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी में तिलोथ पुल के निकट गंगा में जानवरों की हड्डियों का ढेर मिलने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों के रोष जताए जाने पर प्रशासन ने बूचड़खाने को बंद कराने के साथ ही लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई कर किसी तरह मामला संभाल तो लिया, लेकिन प्रशासन की नाक के नीचे गंगा किनारे धड़ल्ले से बूचड़खाने चलने पर सवाल उठने लगे हैं।
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मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना में उत्पादन शुरू होने पर मनेरी से तिलोथ के बीच गंगा में पानी काफी कम हो गया है। ऐसे में शुक्रवार को तिलोथ पुल के पास गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु यहां बूचड़खाने के आगे गंगा भागीरथी में जानवरों की हड्डियों के ढेर देखकर हैरान रह गए।

जानकारी मिलते ही यहां धर्म रक्षा समिति के अध्यक्ष ज्ञान चंद रमोला, गंगा एवं ग्लेशियर बचाओ अभियान से जुड़ी शांति ठाकुर, भटवाड़ी के ब्लाक प्रमुख चंदन पंवार आदि कई लोग एकत्र हो गए।
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गंगा किनारे बूचड़खानों के लाइसेंस होंगे निरस्त

गंगा में जानवरों की हड्डियां मिलने को लोगों ने आस्था से खिलवाड़ बताते हुए रोष जताया। सूचना मिलते ही तहसीलदार रमेश प्रसाद बहुगुणा के नेतृत्व में प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। उन्होंने बूचड़खाने को बंद कराने के साथ ही संचालक से तत्काल गंगा में पड़ी हड्डियां साफ करवाईं।

एसडीएम केके सिंह ने इस मामले में जिला पंचायत से स्पष्टीकरण तलब करते हुए गंगा किनारे चल रहे बूचड़खानों के लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।

बोले डीएम
गंगा के किनारे बूचड़खाने चलना नियम विरुद्ध है। गंगा में जानवरों की हड्डियां पड़े होने की जानकारी मिलते ही बूचड़खाने बंद करने के साथ ही लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं। पड़ताल करने के बाद इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
-सी रविशंकर, डीएम उत्तरकाशी।
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