दिवाली की रात पिता समेत चार परिजनों की हत्या के आरोपी हरमीत सिंह पर कोर्ट परिसर में जमकर लात-घूंसे चले। गुस्साए लोगों ने कोर्ट परिसर में पुलिस अभिरक्षा में ही हरमीत को पीटना शुरू कर दिया।
साथ चल रहे पुलिस वाले हरमीत को लेकर हवालात तक दौड़े, लेकिन युवक हवालात तक उस पर लात-घूंसे बरसाते रहे। बाद में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए युवकों को खदेड़ दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों की कुछ युवकों से हाथापाई भी हुई।
पिता जय सिंह, सौतेली मां कुलवंत सिंह, बहन हरजीत कौर और भांजी सुखमणि को मारने के आरोपी हरमीत सिंह बुधवार को ब्लड सैंपल और फिंगरप्रिंट लेने के लिए जेल से कोर्ट परिसर लाया गया था।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में डॉक्टरों, वैज्ञानिकों की टीम ने प्रक्रिया पूरी की। इस बीच कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में युवक जुट गए थे। ये लोग हरमीत को फांसी देने की मांग करने लगे। दोपहर 01:15 बजे पुलिस हरमीत को लेकर जैसे ही कोर्ट से बाहर निकली युवकों ने उसे खींचने की कोशिश की।
अचानक हुई घटना से साथ चल रहे पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। हरमीत पर हमले की आशंका में उन्होंने उसे लेकर हवालात की ओर दौड़ लगा दी, लेकिन युवकों की भारी तादाद के आगे उनकी कोशिश धीमी पड़ गई। युवकों ने हरमीत को जमकर धुना।
पुलिस ने बल प्रयोग कर बचाया
मारपीट से कोर्ट परिसर में हंगामा मच गया। जानकारी मिलते ही कैंट इंस्पेक्टर वीके जेठा अतिरिक्त पुलिसकर्मियों संग हरमीत को सुरक्षा घेरे में लेने पहुंचे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने हाथ चलाए तो युवक किसी तरह पीछे हटे।
पुलिस ने हरमीत को तेजी से हवालात में डाल दिया। यहां भी कुछ युवकों ने हरमीत को पीटा। पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। बाद में विशेष वाहन से हरमीत को जेल भेज दिया गया।
हरमीत का साफा फूंका
हरमीत कोर्ट परिसर में पहुंचा था तो चेहोरा ढकने के लिए उसने साफा पहना हुआ था। मारपीट के दौरान कुछ युवकों ने उसका यह साफा खींच लिया।
इसके बाद पुलिस की बचाने की कोशिशों के बावजूद उसके चेहरे पर भी कई तमाचे जड़े गए। बाद में गुस्साए युवकों ने इस साफे को फूंक दिया। वे हरमीत को फांसी देने की मांग करते रहे।
पीटने के लिए बना था ये प्लान
पुलिस अभिरक्षा में हरमीत की जिस तरह धुनाई हुई, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि युवक पहले से तय करके आए थे कि हरमीत की पिटाई करनी है।
कोर्ट परिसर से हवालात तक करीब दो सौ मीटर लंबे गलियारे में ये युवक अलग-अलग टोलियों में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर खड़े थे। पुलिस एक टोली से हरमीत को बचाने के बाद जैसे ही आगे बढ़ती, दूसरी टोली उस पर लात-घूंसे बरसाने लगती। हवालात तक यह सिलसिला चलता रहा।
पुलिस कर रही इनकार
कोर्ट परिसर में भगदड़ और हंगामे के बावजूद पुलिस हरमीत से मारपीट की घटना से साफ इनकार कर रही है। एसपी सिटी अजय सिंह का कहना है कि हरमीत को कोर्ट में देखकर पहले से मौजूद कुछ युवक स्वाभाविक रूप से भड़क जरूर गए थे, लेकिन उससे मारपीट नहीं हुई। बताया कि हरमीत के फिंगर प्रिंट और ब्लड सैंपल ले लिए गए हैं।
अब 11 नवंबर को पेशी
अदालत ने हरमीत सिंह की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी। अब आरोपी को 11 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दिन पुलिस उसे रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी।
मुकदमा हरियाणा स्थानांतरित करने की मांग
पिता, मां और तीन साल की बेटी के साथ कत्ल कर दी गई हरजीत कौर के ससुर गुरवचन सिंह बुधवार को बेहद भावुक हो गए। कोर्ट परिसर में रोते हुए उन्होंने कहा कि आरोपी को जल्दी से फांसी दे दो या फिर उसे रिहा कर दिया जाए, लोग खुद ही उससे निपट लेंगे। ये लोग यमुनागर से सीधे कचहरी आए थे।
हरजीत कौर के पति अरविंदर सिंह और ससुर गुरुवचन सिंह तो पुलिस कार्रवाई को लेकर असंतुष्ट नजर आए। उनका आरोप है कि पुलिस ने आरोपी से कोई सख्ती नहीं दिखाई है।
बताया कि वे मुकदमे को हरियाणा स्थानांतरित कराने के लिए कानूनी सलाह लेंगे। हरजीत की शादी यमुनानगर में हुई थी।