आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों के सामने प्रदेश के विकास की तस्वीर पेश की। उन्होंने स्लाइड शो से आंध्र प्रदेश को केस स्टडी के रूप में रखकर भारत के चहुंमुखी विकास और तकनीकी प्रयोग का विजन दिया। साथ ही कहा कि देश के विकास के लिए नदियों को आपस में जोड़ना और जल संवर्धन जरूरी है।
सोमवार को अकादमी पहुंचे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू ने फेज फाइव के मिड कॅरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक का प्रयोग भारत के विकास में बेहद जरूरी है। इसके बाद वह भावी अफसरों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि नए प्रशिक्षु अधिकारी देश का भविष्य हैं, क्योंकि यह अधिकारी वर्ष 2050 तक देश की सेवा करेंगे।
उन्होंने राष्ट्र निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि नई तकनीक के प्रयोग से भारत का विकास तेजी से हो सकता है। व्याख्यान पूरा होने के बाद नायडू मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के विकास में अच्छा कार्य कर रहे हैं और इसमें हम भारत सरकार को पूरा सहयोग दे रहे हैं।
उन्होंने जीएसटी पर कहा कि अभी इसे लागू करने में कुछ समस्याएं आ रही हैं, जो हर राज्य में हैं। इन्हें जल्द दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि हम राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान करना चाहते हैं।
चार घंटे अकादमी में रहे सीएम नायडू
उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थानों पर पानी की समस्या से अकाल और सूखा पड़ रहा है। इस पर उन्हाेंने गोदावरी नदी को कृष्णा नदी से लिंक कर दिया है। अब गोदावरी को पेन्नम से लिंक करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हैदराबाद, सिकंदराबाद और साइबराबाद ब्राउन फील्ड सिटी हैं। अब अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग कर अमरावती को ग्रीन फ ील्ड सिटी बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में हम उत्तराखंड और अनेक राज्यों के साथ सहयोग को तैयार हैं।
सीएम नायडू ने कहा कि फाइबर ग्रिड के माध्यम से वह हर घर तक कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आंध्र प्रदेश ने पहली तिमाही में 11.72 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है, जो देश की विकास दर 5.6 से कहीं आगे है।
सरकार ने दस ऐसे सेक्टर चिह्नित किए गए हैं, जो विकास दर को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने पर्यावरण की महत्ता पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका लक्ष्य वर्ष 2029 तक 50 प्रतिशत ग्रीन कवर को प्राप्त करना है। इसके लिए जल और लिंकिंग वाटर का स्मार्ट वाटर ग्रिड बनाया जा रहा है। उन्होंने 100 प्रतिशत विद्युतीकरण और 24 घंटे बिजली एवं पानी का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। अब वह तकनीक की मदद से स्मार्ट पावर ग्रिड की ओर बढ़ रहे हैं।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से सुबह 11 बजे मसूरी अकादमी के हेलीपैड पोलो ग्राउंड पर पहुंचे। वहां से सीधे अकादमी पहुंचे, जहां निदेशक उपमा चौधरी ने पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया। अधिकारियों को संबोधित करने के बाद उन्होंने लंच लिया और दोपहर तीन बजे हेलीकॉप्टर से वापस चले गए। इस दौरान क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।