ज्योतिषाचार्य विकास जोशी के मुुताबिक गणेश विसर्जन के लिए निर्धारित समय के अनुसार मूर्ति का पूजन करें। एक चौड़ी पटरी को गंगाजल से साफ करें। उस पर स्वास्तिक बना पीले वस्त्र बिछा दें। फिर उसपर पुष्प बिछाएं। उसके चार कोनों पर चार सुपारी रख दें। फिर गणेश जी की मूर्ति को पूजा स्थान से उठाकर पटरी पर रख दें।
अब पुष्प, अक्षत, फल, वस्त्र और मोदक गणपति को चढ़ाएं। दक्षिणा के तौर पर कुछ रुपए रखें। इसके बाद पंच मेवा, चावल, गेहूं, कुछ रुपए आदि की एक पोटली बनाएं और एक डंडे में बांध दें। फिर गणपति बप्पा का जयकारा लगाकर उनको वाहन पर विराजमान कराएं। शांतिपूर्वक गंगा घाट पर प्रतिमा को उतार कर विसर्जन कर दें।
श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा को दी विदाई
हरिद्वार में गणपति बप्पा को विदाई देने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। भाजपा नेता नरेश शर्मा ने गैंडीखाता क्षेत्र के इंदिरा नगर में आयोजित गणपति महोत्सव में शिरकत की। उन्होंने गणपति भगवान की आरती की। उन्होंने कोरोना महामारी के दृष्टिगत लोगों ने मास्क भी वितरित किए। नरेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने भगवान गणेश वैश्विक महामारी से देश को मुक्ति दिलाने की कामना की।
बैरागी कैंप स्थित श्री महंत कैलाश गिरी आश्रम में साम दिन से विराजमान गणपति को विदाई दी गई। भक्तों ने गुलाल खेलते हुए आश्रम से शोभायात्रा निकाली। गंगा घाट पर प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्री पंचदश नाम जूना अखाड़े के मंत्री महंत सेवा गिरी ने बताया कि उन्होंने कोरोना मुक्त करने कामना के साथ गणेश प्रतिमा की स्थापना की थी। शोभायात्रा में स्थानीय पार्षद सचिन अग्रवाल भी शामिल रहे। कनखल, ज्वालापुर, मध्य हरिद्वार और उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र में कई जगह गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।