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पितृ पक्ष 2020 : आज से शुरू श्राद्ध, 17 सितंबर तक चलेगा पितृ पक्ष, घरों में पितरों को ऐसे दें तर्पण

Tue, 01 Sep 2020 11:17 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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इस बार पितृ पक्ष मंगलवार से शुरू हुआ है। लोग घरों मेें पितरों को तर्पण देंगे। इसके बाद पंडित को भोजन प्रसाद खिलाने के साथ दक्षिणा दी जाएगी। यह श्राद्ध 17 सितंबर तक चलेंगे। 18 तारीख से अधिमास शुरू हो जाएगा।

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श्राद्ध सुबह 9:40 से शुरू हुआ। गोपाल मंदिर के पुजारी पंडित जगमोहन मिश्रा और आईडीपीएल स्थित राइंकॉ के संस्कृत प्रवक्ता आचार्य चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार पितरों का तर्पण पूर्णमासी को उनके वंशजों की ओर से किया जाता है।

ऐसे करें तर्पण

आचार्य घिल्डियाल और जे. मिश्रा ने बताया कि जौ, तिल चावल, तुलसीदल, कुशा, दाएं हाथ में रखें। थाली में शालिग्राम रखकर इसके ऊपर जल से तर्पण करें। दूध से पितरों के लिए तर्पण करने से वंश वृद्धि ,धन वृद्धि, यश वृद्धि होती है। यदि कोई सौभाग्यवती महिला की मृत्यु हो जाती है तो उसका श्राद्ध अष्टमी तिथि को करना चाहिए। 

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श्राद्ध में पिंडदान की विधि

श्राद्ध में पिंडदान तर्पण और ब्राह्मण को भोजन कराया जाता है। चावल, गाय का दूध, घी, शक्कर और शहद को मिलाकर बने पिंडों को पितरों को अर्पित किया जाता है। जल में काले तिल, जौ, कुशा, दूर्बा और सफेद फूल मिलाकर उससे तर्पण किया जाता है।  इसके बाद ब्राह्मण भोज कराया जाता है।  

श्राद्ध करने से लाभ

पितृपक्ष में पूर्वजों को याद करके पूजा-पाठ के अलावा दान-धर्म किया जाता है। इन दिनों ग्रहों की शांति के लिए दान-पुण्य और पूजा पाठ किए जाते हैं। ताकि हम पर पूर्वजों की कृपा बनी रहे। श्राद्ध करने से पितरगण वंश विस्तार का आशीर्वाद देते हैं। परिवार सुखी रहता है। जो लोग अपने पितरों का श्राद्ध और तर्पण नहीं करते उनके घर में कुछ न कुछ परेशानियां आती रहती हैं।
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