जिले में भूमि सीमांकन के मामलों के निस्तारण के लिए एक एसओपी तैयार की जाएगी। इस संबंध में जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसमें फील्ड अधिकारी एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे ताकि अनावश्यक विवादों की संख्या में कमी लाई जा सके।
राजस्व अधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार को हुई बैठक में जिलाधिकारी ने लक्ष्य से कम वसूली करने वाली तीन तहसीलों के अफसरों को कड़ी फटकार भी लगाई है। उन्होंने अंश निर्धारण पर सुस्त चाल पर भी अफसरों की जवाबदेही तय की। इस दौरान लंबित वादों से लेकर वसूली तक पर चर्चा की गई। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर एक वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी वादों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निस्तारण किया जाए। इनमें भी अविवादित वादों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग (आवासीय, औद्योगिक व व्यावसायिक) से संबंधित कोई भी वाद लंबित न रहे। भूमि बंदोबस्त के अंतर्गत खसरा एवं खतौनी में त्रुटि सुधार के कार्यों में तेजी लाई जाए।
उन्होंने अंश निर्धारण, लिंकेज और पड़ताल के कार्यों में सदर, विकासनगर और डोईवाला तहसीलों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और राजस्व उपनिरीक्षकों को लक्ष्य निर्धारित करने की जिम्मेदारी दी। इसकी नियमित समीक्षा और एडीएम स्तर पर प्रत्येक 10 दिवस में प्रगति की समीक्षा अनिवार्य रूप करने के निर्देश दिए।
विविध देयों की वसूली की समीक्षा में बताया गया कि 81 प्रतिशत निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 82.84 प्रतिशत वसूली हो चुकी है। हालांकि, चकराता, त्यूणी और कालसी तहसीलों में वसूली निर्धारित लक्ष्य से कम पाई गई। इस पर इन तहसीलों के अधिकारियों को फटकार लगाई गई।