उत्तराखंड कांग्रेस में एक ओर एकजुटता की बात हो रही है। वहीं अमृता रावत से उनका मंत्री पद छीनने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
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कांग्रेस के अंदर एक गुट ने उन्हें हटाकर किसी अन्य विधायक को मंत्री बनाने की मांग उठा दी है। जबकि अमृता रावत ने बयान में कहा है कि वह कांग्रेस और उत्तराखंड की सेवा करती रहेंगी। उन्होंने कहा था कि महाराज का भाजपा में जाना उनका व्यक्तिगत निर्णय है।
बदल रहा हरीश का रुख
अमृता रावत और उद्यान को लेकर अब मुख्यमंत्री हरीश रावत का रुख भी बदला दिख रहा है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने कहा था कि वह विभागों के बदलाव को लेकर राज्यपाल से मिलने जा रहे थे। अब उद्यान पर उनका कहना है कि यह सवाल आगे का है।
महाराज की थी अन्य समस्याएं
महाराज के पार्टी छोड़ने को लेकर हरीश रावत ने शनिवार को कहा कि कुछ चीजें अच्छे के लिए होती हैं। महाराज की कुछ अन्य समस्याएं थीं। मैंने हॉटिकल्चर और एग्रीकल्चर को एक साथ एक व्यक्ति को दिया।
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मेरे मुख्यमंत्री बनने के बाद वह करीब दस बार मुझसे मिले देश दुनिया की तमाम बातें की लेकिन कभी कोई सूची नहीं सौंपी कि इन कार्यकर्ताओं को कहीं एडजेस्ट करना है। वह अब जो कह रहे हैं, वह समस्या नहीं थी।