जाया हो जाता है बारिश का पानी
एक अनुमान के अनुसार, प्रदेश में प्रतिवर्ष तकरीबन 15 सौ मिमी बारिश होती है। जिसमें मानसून का योगदान 12 सौ मिमी से अधिक है। बारिश का यह पानी जाया चला जाता है। इसका कुछ हिस्सा इन तालाबों में समेटा जा सके, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से अमृत सरोवर की परिकल्पना की गई है। ताकि बरसात के पानी को संग्रहित कर आने वाले दिनों में उसका उपयोग किया जा सके।
15 अगस्त को अमृत सरोवरों के पास फहराया जाएगा तिरंगा
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 अगस्त को सभी नवनिर्मित सरोवरों के पास तिरंगा फहराया जाएगा। इसके लिए बकायदा अलग चबूतरा तैयार किया जा रहा है। इस दिन शहीद सैनिकों के परिजनों, रिटायर सैन्य अधिकारी, पद्मश्री, पद्मभूषण या अन्य किसी सम्मानित व्यक्ति के हाथों तिरंगा फहराया जाएगा। विभाग की ओर से इसकी युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है।
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प्रदेश में अमृत सरोवर निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। 15 अगस्त तक 375 अमृत सरोवर बनाने के लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। बरसात के कारण कुछ दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन कोशिश की जा रही है कि निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा कर लिया जाए।
- आनंद स्वरूप, अपर सचिव, आयुक्त ग्राम्य विकास