अगले महीने की दो या तीन तारीख को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के देहरादून आने की संभावना है।
उम्मीद है कि अपने पहले ही दौरे में शाह बेदम पड़े प्रदेश संगठन में दम भरेंगे। यह बाद दिगर है कि सदन में दिखने वाली भाजपा की आक्रामकता केवल बयानबाजियों तक ही सीमित रही है। यह आभास केंद्रीय नेतृत्व को अच्छी तरह से है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद पर तीरथ सिंह रावत को दो वर्ष व नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट को तीन वर्ष हो गए हैं। लेकिन पार्टी के खाते में ऐसी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है, जिस कारण सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा हो।