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तो इसलिए अमित शाह लगाएंगे देहरादून में 'क्लास'

Thu, 30 Apr 2015 10:19 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तीन मई को देहरादून पहुंच रहे हैं, जिसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। वह दिल्ली से अपनी टीम के सदस्यों के साथ देहरादून पहुंचेंगे।
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पहली बार देहरादून आ रहे शाह तीन मई को प्रदेश संगठन के साथ सर्वे ऑफ इंडिया के सभागार में बैठक करेंगे। इसके लिए कोई खास एजेंडा तो नहीं बना है लेकिन पूरा फोकस सदस्यता अभियान के बाद अब संपर्क अभियान पर होगा।

फिलहाल यह तय हो गया है कि मात्र 385 भाजपाई ही शाह की बैठक में शिरकत करेंगे। इसके लिए सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, स्थानीय निकायों व जिला पंचायतों में निर्वाचित अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष व महामंत्री, जिला संपर्क प्रमुख व सदस्यता प्रमुख, मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री, प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक समेत 11 श्रेणी बनाई गई हैं, जिन्हें बुलाया जाना है।
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वहीं वह कोर कमेटी की भी बैठक लेंगे, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष के अलावा तीनों पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश संगठन महामंत्री, नेता प्रतिपक्ष व अन्य राष्ट्रीय नेता मौजूद रहेंगे। पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष ने उत्तराखंड पर पूरा फोकस कर लिया है, क्योंकि यहां पर अगला साल चुनावी वर्ष है। प्रदेश संगठन अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष पिछले एक साल का लेखा-जोखा रखेगा और संगठन से संबंधित कुछ मुद्दे भी उठाए जाएंगे।

केंद्रीय भाजपा नेतृत्व का फोकस उत्तराखंड पर
भाजपा का शीर्ष नेतृत्व उत्तराखंड में अपनी गतिविधियां बढ़ाएगा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रुचि उन राज्यों में ज्यादा है जहां पर एक-दो साल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए उत्तराखंड पर फोकस की तैयारी है।

भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी श्याम जाजू पहले से ही राज्य के दौरे पर हैं। वह अमित शाह के दौरे से पहले होमवर्क में जुटे हैं। जाजू बताते हैं कि हालांकि प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उत्तराखंड को लक्ष्य बनाया है। शाह का उत्तराखंड आना महज इत्तेफाक नहीं है, वह यहां प्रबल संभावनाएं देख रहे हैं। जाजू ने अनौपचारिक बातचीत में माना कि उत्तराखंड समेत चुनावी राज्यों पर भाजपा का फोकस है।

राज्य में कांग्रेस सरकार का कार्यकाल पौने दो साल के करीब रह गया है, ऐसे में आने वाले दिनों में भाजपा की सक्रियता बढ़ेगी। संगठन और विधानमंडल दल दोनों को धार दी जाएगी। भाजपा शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि उत्तराखंड में थोड़ी मेहनत की जाए तो यहां सरकार बनाना मुमकिन है।

पिछली बार भी एक सीट से भाजपा की सरकार बनते-बनते रह गई थी। इसलिए पार्टी की नजर में इस बार यह फासला पाटा जा सकता है। इसलिए अब राज्य में भाजपा के बड़े नेताओं की आमद बढ़ेगी। शाह यह भी चाहते हैं कि उप-चुनावों जैसा हश्र ना हो। इसके लिए पहले से तैयारी चाक-चौबंद रहे।
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