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'दामाद जी ने तो जवाब दे दिया, गलत है तो जांच करें'

Tue, 04 Nov 2014 12:50 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी ने सोमवार को देहरादून पहुंचकर आपदा से जुड़े पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों की जानकारी ली। इस मौके पर उनके साथ मुख्यमंत्री हरीश रावत, कैबिनेट मंत्री और सहप्रभारी संजय कपूर भी मौजूद थे। प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी दोपहर को मीडिया से भी रूबरू हुईं।
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वाड्रा के खिलाफ जांच से कौन रोक रहा
इस दौरान रॉबर्ट वाड्रा की मीडिया कर्मी से बदसलूकी पर अंबिका सोनी ने कहा कि सबके लिए कानून बराबर है। अगर कोई गलत बात हुई है तो जांच से कौन रोक रहा है।

फिर जब वाड्रा ने सार्वजनिक तौर अपना जवाब दे दिया है तो एक व्यक्ति के पीछे पड़ जाना कहां तक उचित है। मीडिया में इस पर चर्चा होनी चाहिए कि एक व्यक्ति कहीं आता-जाता है तो उसके पीछे कैमरा लगाना कहां तक उचित है।

राहुल गांधी को लेकर अंबिका सोनी का कहना है कि वह हमारे नेता हैं। बतौर उपाध्यक्ष पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। सोनिया गांधी के कुशल नेतृत्व में पार्टी ने खुद को आगे बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि देहरादून आते समय दिग्विजय सिंह से उनकी दिल्ली एयरपोर्ट पर बात हुई थी।
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राहुल को लेकर सभी नेताओं के बयानों का पहलू एक है। हर व्यक्ति का अपना अलग नजरिया हो सकता है। पार्टी को रि-बिल्ड (पुनर्निर्माण) करना है। फिलहाल कांग्रेस को हार मिल रही है लेकिन कांग्रेस ने 1977 और 2004 में खुद को साबित किया है। उत्तराखंड में विधानसभा उपचुनाव में पार्टी की जीत को लेकर प्रदेश प्रभारी आशांवितदिखीं।

सोनिया जानना चाहतीं है उत्तराखंड का हाल

राज्यों में लगातार हार का मुंह देखने वाली कांग्रेस उत्तराखंड के विकास कार्यों खासकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों को लेकर गंभीर दिख रही है। प्रदेश प्रभारी ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जानना चाहती थीं कि उत्तराखंड में आपदा के बाद पुनर्वास और पुनर्निर्माण की प्रगति क्या है।

राज्य सरकार ने बेघरों को घर, बेरोजगारों को रोजगार, विधवाओं को आर्थिक सहायता आदि के साथ केदारघाटी में विकास कार्यों पर क्या किया इसकी जानकारी चाहती थीं। सरकार की ओर जो काम किए गए हैं या हो रहे हैं प्रशंसनीय हैं।

उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान वहां के लोगों ने उत्तराखंड में दिए गए मुआवजे, व्यवस्थाओं आदि की तारीफ कर वैसी ही योजनाएं लागू करने की मांग की थी। सरकार ने पुनर्निर्माण में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की भी मदद ले रही है।

सरकार ने अलग-अलग कामों के लिए टाइम फ्रेम योजना बनाई है। सीएम, मंत्रियों के साथ मैंने भी अधिकारियों का प्रेजेंटेशन देखा। मैं व्यक्तिगत तौर पर महसूस करती हूं कि बेहतर काम हुआ है और स्थानीय लोगों की मुश्किलें दूर हुई हैं।

पीडीएफ पर चर्चा फैसला अभी नहीं
सरकार के सहयोगी पीडीएफ विधायकों को कम कर कांग्रेस विधायकों को कैबिनेट में शामिल करने पर अंबिका सोनी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हालांकि इस बात की जानकारी जरूर दी कि बदलते हालात में इस बात पर चर्चा जरूर हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी में एक प्रक्रिया है। हर स्तर पर मजबूती से चर्चा होती है उसकेबाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।

कांग्रेस के भीतर बाहरी को लेकर एका

उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर इस बात को लेकर एका दिख रहा है कि बाहरी को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाकर न भेजा जाए। प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी ने भी बताया कि अधिकतर लोग चाहते हैं कि उम्मीदवार प्रदेश से ही किसी को बनाया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लोगों की भावनाओं से अवगत कराया जाएगा।

लेकिन पूरे देश में राज्यसभा का उम्मीदवार तय करने का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष को ही है। जिसका भी चयन वह करेंगी उसे ही चुनाव लड़ाएंगे। अंबिका से मिलने के लिए देर रात कांग्र्रेस विधायकों के साथ पीडीएफ विधायक भी पहुंचे। पीडीएफ विधायकों ने राज्यसभा में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कही।

लेकिन कांग्रेस नेताओं की ओर से पीडीएफ से नाता तोड़ने को लेकर आ रहे बयानों पर हस्तक्षेप की बात अंबिका से कही। बाद में मंत्री प्रसाद नैथानी ने जानकारी दी कि उन्होंने कहा कि दोनों ही दलों में बेहतर तालमेल के साथ सरकार चलनी चाहिए। पीडीएफ के विधायक मंत्री प्रसाद नैथानी के नेतृत्व में मिले।

जिसमें मंत्री दिनेश धनै, हरीश चंद्र दुर्गापाल, प्रीतम पंवार के साथ सरवत करीम अंसारी और हरिदास भी मौजूद थे। मंत्री सुरेंद्र राकेश मौजूद नहीं थे। कांग्रेस विधायकों ने भी पीडीएफ मंत्रियों पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं की अनदेखी का आरोप लगाया। विधायकों का कहना था कि पीडीएफ मंत्रियों को अपना व्यवहार सुधारने की जरूरत है।

हरक सिंह रावत भी मिलने पहुंचे

दोपहर की बैठक में न पहुंचने वाले मंत्री हरक सिंह रावत भी रात को मिलने पहुंचे। बताते हैं विधायकों का एक बड़ा वर्ग कतई नहीं चाहता है कि किसी बाहरी को राज्यसभा की उम्मीदवारी मिले। दोपहर को कुछ विधायक प्रदेश कांग्रेस की बैठक में और बाद में अकेले प्रभारी से मिल लिए थे। लेकिन बहुगुणा समर्थक अधिकतर विधायक रात को ही मिलने पहुंचे।

जिस समय बहुगुणा समर्थक अधिकतर विधायक प्रभारी से मिलने पहुंचे तो उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी मौजूद थे। विधायकों में सुबोध उनियाल, डा.शैलेंद्र मोहन सिंघल, जीतराम, राजकुमार, शैलारानी रावत, हीरा सिंह बिष्ट, राजेंद्र भंडारी, विजयपाल सजवाण, विक्रम नेगी, प्रदीप बत्रा, ललित फर्रस्वाण, मदन बिष्ट और अनुसुइया प्रसाद मैखुरी एक साथ प्रभारी से मिले।

बैठक में मौजूद विधायकों ने प्रभारी से कहा कि बाहर का कोई नेता राज्यसभा में न थोपा जाए। इस दौरान सीधे तौर पर विजय बहुगुणा का नाम तो सामने नहीं आया लेकिन प्रभारी ने विधायकों से कहा कि मैं समझ रही हूं कि आप क्या चाहते हैं।

विधायकों ने कहा कि स्थानीय व्यक्ति के बनने के बाद आपसी खींचतान और मनमुटाव भी दूर हो जाएगा। इस दौरान किशोर उपाध्याय भी विधायकों की इस राय में अपनी राय जाहिर की। प्रभारी के सामने अधिकारियों पर लगाम कसने की मांग भी उठी।

किसी ने कहा अधिकारी मुख्यमंत्री की नोटिंग पर भी काम नहीं करते हैं। किसी ने कहा हमें खुद फाइलें लेकर चक्कर लगाने पड़ते हैं। एक विधायक ने शिक्षकों के पहाड़ पर न जाने और शिक्षा विभाग में सुधार की बात कही। किसी ने कहा कि  पहाड़ों की अनदेखी से पार्टी कमजोर हुई है।
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लाल बत्ती पर अंबिका से हुए सवाल

कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी और वरिष्ठ नेत्री अंबिका सोनी से कांग्रेसियों ने लाल बत्ती और दायित्वों के बंटवारे पर सवाल कर डाला। दरअसल जब अंबिका पार्टी कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के लिए बुलाई बैठक में अपने संबोधन के लिए खड़ी र्हुईं तभी विधायक मदन बिष्ट ने अभी तक दायित्व देने की बात कही।

जिसका पीछे बैठे कुछ कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन किया। अंबिका सोनी ने विधायक से कहा कि जब मैं बोल रही हूं तो आपको बीच में नहीं बोलना चाहिए। किसी ने कहा दो साल रह गए हैं कब बटेंगे दायित्व। इस पर अंबिका सोनी ने हाथ उठवाकर पूछा कितने लोग दायित्व चाहते हैं।

इस पर लगभग सभी ने हाथ उठा दिए। जबकि संगठन में काम करने के इच्छुक लोगों की संख्या काफी कम थी। प्रभारी ने उत्तराखंड उपचुनाव और पंचायत चुनाव में जीत के लिए कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पार्टी को ऐसे पूर्णकालिक पदाधिकारियों की आवश्यकता है चाहे किसी भी गुट हो जो मेहनतकश हों। पार्टी उन्हें पद और सम्मान देगी।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पार्टी के सामने एक बार फिर चुनौती है। हमने 1977 में भी कार्यकर्ताओं के दम पर अपने को स्थापित किया था। प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि भाजपा कांग्रेस मुक्त देश की बात कहती है लेकिन हमारा खून नहीं खौलता।

हमें अहिंसक तरीके से उनका जवाब देना चाहिए। हमारे अंदर कांग्रेस का खून दौड़ रहा है। हम सबको मिलकर यह संकल्प लेना है और कांग्रेस को मजबूत बनाना है।

उन्होंने खुद को अध्यक्ष बनाने के पीछे कार्यकर्ताओं की ताकत बताया। बैठक में मंत्री इंदिरा ह़दयेश, प्रीतम सिंह, सुरेंद्र सिंह नेगी, दिनेश अग्रवाल आदि मौजूद थे। हरक सिंह देहरादून में न होने के कारण नहीं पहुंचे।
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