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राकेश खंडूड़ी: होनहार साथी का असमय छोड़ जाना, पत्रकार के अंदर थी विलक्षण प्रतिभा, माउथ ऑर्गन बजाकर किया हैरान

Fri, 29 Aug 2025 10:59 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

खांटी पत्रकार राकेश खंडूड़ी जी के जाने से अमर उजाला संस्थान को बड़ी क्षति हुई है। अमर उजाला परिवार ने एक होनहार, क्षमतावान लीडर खोया है। पत्रकार के साथ ही वह विलक्षण प्रतिभा वाले कलाकार भी थे।
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वरिष्ठ पत्रकार राकेश खंडूड़ी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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एक खांटी पत्रकार के अंदर एक विलक्षण प्रतिभा वाला कलाकार भी कुलाचे मारता था, इसका परिचय राकेश खंडूड़ी ने जीवन के अंतिम पड़ाव पर कराया जो उनके सभी प्रसंशकों को हैरत में डालने वाला था।

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खंडूड़ी ने पत्रकारिता के सफर में शायद ही किसी को अनावश्यक रूप से छेड़ा हो लेकिन खामोश सा नजर आने वाला प्रतिभाशाली व्यक्तित्व माउथ ऑर्गन पर कुछ ऐसी चुनी हुईं धुनें छेड़कर गया, जो आज उनके न रहने पर सोशल मीडिया पर यादें बनकर अलग पहचान बता रही हैं। उन्होंने कुछ महीने पहले ही खुद को माउथ आर्गन प्लेयर के रूप में पेश किया था। खंडूड़ी जी भले ही पत्रकारिता के कठिन पेशे में रहे पर उनमें 52 की उम्र में अपने पैशन को जिंदा रखने का जुनून भी दिखता था।

परिवार और दोस्तों के साथ उत्तराखंड की पत्रकारिता के लिए भी खंडूड़ी अभी जरूरी थे। वह अपने राज्य की राजनीतिक नब्ज, प्रशासनिक पकड़ में माहिर थे। यहां सांस्कृतिक विरासत को समझते भी थे और उसे आगे बढ़ाने के टिप्स अक्सर न्यूज रूम में शेयर करते थे। उत्तराखंड के साथ पड़ोसी राज्य हिमाचल की भी उन्हें उतनी ही समझ थी।

होनहार, क्षमतावान लीडर खो दिया
खंडूड़ी ने बेशक अमर उजाला के अलावा कुछ संस्थानों में काम किया लेकिन देहरादून के डोईवाला के समाचार प्रतिनिधि के तौर पर सफर शुरू कर अपनी लगन और मेहनत से खुद को स्टेट ब्यूरो चीफ के पद और ऊंचाई पर लाकर खड़ा कर दिया। उनमें नेतृत्वकर्ता के गुण थे जो उन्हें दूसरों से अलग बनाते थे। खंडूड़ी अपने सहयोगियों के प्रिय थे तो वरिष्ठों के बीच भी अलग पहचान बना ली थी। उत्तराखंड का शायद ही कोई पत्रकार या संस्थान हो, जिसने खंडूड़ी जी के मृदुल स्वभाव, उनकी कार्यकुशलता, उनकी सहयोगात्मक प्रवृत्ति का जिक्र अपनी सोशल मीडिया पर न किया हो।

खंडूड़ी जी के जाने से अमर उजाला संस्थान को बड़ी क्षति हुई है। 52 साल की उम्र उनके जाने की तो नहीं थी। अमर उजाला परिवार ने एक होनहार, क्षमतावान लीडर खोया है जो भविष्य में अकूत संभावनाओं से भरा हुआ था।

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