खुद से लड़कर देश के लिए जीतना सिखाते हैं पैरा खेल
पैरा खेल हर दिव्यांग खिलाड़ी को खुद से लड़कर देश के लिए जीतने का जोश भरते हैं। जब बात पैरा एथलीट और खिलाड़ियों की होती है तो बात सिर्फ चुनौतियों की नहीं होती। यह ऐसी लड़ाई है, जिसे हर पैरा खिलाड़ी अपने हौसलों से ऊपर उठकर अपनी कड़ी मेहनत के दम पर पहले खुद से जीत कर फिर देश के लिए जीतता है। पैरालंपिक खेलों की बात करें तो यह ओलंपिक खेलों की तर्ज पर हर चार साल में एक बार आयोजित होने वाले पैरालंपिक खेलों की दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनाें में से एक है।