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अमर उजाला ने किया मातृ शक्ति को सलाम

Sat, 08 Mar 2014 11:06 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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अमर उजाला फाउंडेशन और हेस्को ने शुक्रवार को मातृ शक्ति के हौसले को सम्मान किया।
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समारोह में पहाड़ पर आपदा के वक्त जुटीं रहने वालीं और महिला केंद्रित विकास की नई इबारत लिखने वाली महिलाओं को मान दिया गया।

शुक्रवार को नगर निगम के टाउन हाल में आयोजित कार्यक्रम में सुबह सबसे पहले पहाड़, पर्यावरण और पीड़ित विषय पर गोष्ठि हुई। इसमें कुछ महिलाओं ने पहाड़ के अपने अनुभव बताए।

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वहीं महिला वक्ताओं ने पहाड़ की पीड़ा को उजागर करने के साथ ही उस पर मरहम लगाने के उपाय भी सुझाए।

पहाड़ की औरत की पीड़ा को साझा की

पहाड़ के पर्यावरण से महिलाओं के रिश्ते को उजागर करते हुए प्रमुख महिला वक्ता और शिक्षा विभाग में उप-निदेशक रह चुकीं कमला पंत ने जौलजीबी समेत कई अन्य स्थानों पर आई आपदा का जिक्र किया।

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महिला मुद्दों पर मुखर और पूर्व जिला घरेलू हिंसा संरक्षण अधिकारी रह चुकीं रमिंद्री मंद्रवाल ने काम के दुहरे बोझ में दबी, प्राकृतिक आपदा का दंश झेल रहीं पहाड़ की औरत की पीड़ा को साझा करते हुए उसकी जिजीविषा की कहानी कही।

पहाड़ पर महिला आधारित कई गतिविधियों को अंजाम देने वालीं मनोविज्ञानविद डा. गीता बलोदी ने पहाड़ की स्थिति बदलने के लिए महिलाओं से आगे आने का आग्रह किया।

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अमर उजाला फाउंडेशन ने हेस्को के साथ मिलकर आपदा प्रभावित 21 गांवों में अस्थायी आवास (आश्रय) बनाने की मुहिम के साथ ही दून के समीप स्थित बांदल घाटी के पांच गांवों में समग्र विकास का कार्य शुरू किया है।

175 से भी अधिक आश्रय बनाने का संकल्प चार स्थानीय स्वैच्छिक संगठनों के साथ मिलकर पूरा किया जा रहा है। कार्यक्रम में हेस्को के संस्थापक डॉ. अनिल जोशी, डॉ. किरण नेगी, राकेश कुमार, सीओ मसूरी जया बलूनी, महिला कार्यकर्ता दीपा, बलवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।

इन महिलाओं का हुआ सम्मान

महिलाओं के लिए स्व-रोजगार के अवसर बनाने और आपदा के दौरान उल्लेखनीय कार्य करने के लिए उर्मिला देवी, गांव घंतुसेरा, सुमित्रा देवी, गांव सरखेत, नीलम रावत, गांव सीतापुर, अनीता कैंतुरा, गांव ताछिला, दीपिका, गांव सिल्लासेरा (सभी बांदल वैली), कला बिष्ट गांव अंबीवाला, सुमति नेगी, पटेलनगर, प्रमिला जोगीवाला, नर्मदा भट्ट नौगांव, (सभी जिला देहरादून) बंसती देवी, गांव स्याडी-जिला चमोली, आषाढ़ी देवी, गांव जैली-जिला रुद्रप्रयाग, उर्मिला देवी, गांव पुरोरा और राधा पंवार, गांव सिरोर-जिला उत्तरकाशी को सम्मानित किया गया।

इनके काम को मान

अमर उजाला फाउंडेशन के लिए आश्रय निर्माण में योगदान देने वाले राजमिस्त्री इंदर लाल, गांव कमद, जिला उत्तरकाशी, कालीराम गांव भयारी, जिला चमोली, संजीव, गांव जैली, जिला रुद्रप्रयाग और अशोक सिंह, गांव खमेरा, जिला रुद्रप्रयाग के कार्य को मान दिया गया।

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इन्हें प्रमाण-पत्र, शाल, स्मृतिचिह्न प्रदान किए गए, जबकि महिलाओं को शाल, प्रमाण-पत्र, पर्स और प्रेशर कुकर भेंट किया गया।

जीवनदात्री रक्तदान शिविर आज
अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से गठित जीवनदात्री क्लब का पहला रक्तदान शिविर शनिवार को आयोजित किया जा रहा है।

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महिला दिवस के विशेष अवसर पर लगाया जाने वाला यह शिविर प्रिंस चौक के समीप गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला में सुबह साढ़े 10 बजे से शुरू होगा। इसका उद्घाटन राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी करेंगे।

शिविर में जीवनदात्री क्लब की सदस्यों के साथ ही रक्तदान करने की इच्छुक अन्य युवतियां, महिलाएं शाम चार बजे तक रक्तदान कर सकेंगी।
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महिलाएं पहाड़ की रीढ़ : कुंजवाल

विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि पहाड़ में पर्यावरण को बचाने में महिलाओं को भूमिका अहम है। प्रदेश में विकास योजनाएं महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए।

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नगर निगम के टाउन हाल में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन और हेस्को के समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पधारे विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पहाड़ की महिलाओं ने अपने दम पर अलग राज्य का गठन करवाया।

महिलाओं ने यूपी के समय आठ पर्वतीय जनपदों में व्यापक आंदोलन छेड़कर शराब पर पूर्ण रोक लगा दी थी। लेकिन राज्य गठन के बाद की सरकारें उनकी आशाओं पर खरी नहीं उतरी।

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प्रदेश गठन होने के बाद नशाखोरी पर नियंत्रण नहीं लगाया जा सका। कुंजवाल ने महिलाओं को पहाड़ की रीढ़ बताया। कहा कि उन्हीं के संघर्ष से पहाडों में विकास संभव हो पाया है।

सरकार को महिलाओं को ध्यान में रखकर योजनाएं बनानी चाहिए। पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा की धर्मपत्नी विमला बहुगुणा ने कहा कि पहाड़ों में जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए महिलाओं ने अपना बलिदान दिया।

लेकिन महिलाओं को ही दरकिनार किया जा रहा है। उनसे जल, जंगल और जमीन का अधिकार छीना जा रहा है, जो प्रदेश के लिए घातक है। उन्होंने शराबखोरी पर भी चिंता जाहिर की और इसे सभी कष्टों का कारक बताया।

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हेस्को के संस्थापक डॉ. अनिल जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पहले उन्होंने प्रदेश की महिलाओं की पीड़ा को मार्मिक ढंग से लोगों के सामने रखा और चेतावनी दी कि यदि सरकार महिलाओं के लिए चार-छह माह में कुछ करती प्रतीत नहीं हुई तो प्रदेश में एक बार फिर आंदोलन छिड़ जाएगा।

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इस बार महिलाएं अपने हक के लिए मैदान में होंगी। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने अमर उजाला फाउंडेशन और हेस्को के कार्यों की तारीफ की। कहा कि सामाजिक संस्थाएं जिस तरीके से जागरूकता लाने का काम करती हैं इसका लाभ समाज को मिलता है।
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