अमर उजाला ने ‘मैं भी कान्हा’ प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। इस दौरान परिजनों ने कहा कि ‘बच्चों के साथ हमारे लिए भी यह दिन हमेशा यादगार रहेगा। वह इस अखबार को संभालकर रखेंगे। बढ़े होकर जब-जब बच्चे इस पुरस्कार और अखबार में अपनी फोटो देखेंगे तो बहुत खुश होंगे।’ उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि, ‘ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए, इनसे बच्चों का मनोबल बढ़ता है।’
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सोमवार को पटेलनगर स्थित अमर उजाला के कार्यालय में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विजेता कान्हाओं और उनके परिजनों ने शिरकत की। पुरस्कार के बाद परिजनों ने अमर उजाला से अपने विचार साझा किए। कहा, उन्होंने उस दिन से ही प्रतियोगिता में शामिल होने की तैयारियां शुरू कर दी थी जिस दिन अमर उजाला में इसकी खबर प्रकाशित हुई थी।
24 अगस्त को प्रतियोगिता का हिस्सा बनने का अवसर मिला। बच्चों के लिए परिचितों और रिश्तेदारों से वोट कराए। जब अखबार के माध्यम से सूचना मिली की रविवार को समाचार पत्र में विजेताओं की घोषणा की जाएगी तो शनिवार की रात इंतजार करना मुश्किल हो गया। सुबह पांच बजे सबसे पहले ई-पेपर देखा तो अपने-अपने बच्चों के नाम देखकर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। विजेता कान्हा के परिजनों ने बच्चों को वोट देने के लिए परिजनों और रिश्तेदारों का आभार जताया है।