प्रदेश के 15 बच्चों को मिल चुका राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार
प्रदेश में राज्य बाल कल्याण परिषद के गठन के बाद से 15 बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार मिल चुका है। टिहरी गढ़वाल के हरीश राणा को वर्ष 2003, हरिद्वार की माजदा को 2004, अल्मोड़ा की पूजा कांडपाल को 2007, देहरादून के प्रियांशु जोशी को 2010, देहरादून की स्व. श्रुति लोधी को 2010, रुद्रप्रयाग के स्व. कपिल नेगी को 2011, चमोली की स्व. मोनिका उर्फ मनीषा को 2014, देहरादून के लाभांशु को 2014, टिहरी के अर्जुन को 2015, देहरादून के सुमित ममगाई को 2016, टिहरी गढ़वाल के पंकज सेमवाल को 2017, पौड़ी गढ़वाल की राखी को 2019, नैनीताल के सनी को 2020, पिथौरागढ़ के मोहित चंद उप्रेती को 2020 एवं रुद्रप्रयाग के नितिन रावत को 2022 में यह पुरस्कार मिल चुका है। वर्ष 2023 में राज्य बाल कल्याण परिषद के कई बार के पत्र के बाद भी जिलों से बहादुर बच्चों के नाम राज्य बाल कल्याण परिषद को नहीं भेजे गए।
जिन बच्चों ने साहसिक काम किए हैं, राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए उन्हें खुद ऑनलाइन आवेदन करना होता है। केंद्र सरकार उसकी जांच कर पुरस्कार के लिए उनका चयन करती है।
- हरि चंद्र सेमवाल, सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग