भारत मां कू प्यारू, उत्तराखंड हमारू.., दैणा होया खोली का गणेशा.. जैसे गढ़वाली गीत-संगीत और नृत्य के साथ मिलन हुआ तो बांदल घाटी खुशी से झूम उठी।
सुरों का जादू चला
मौका था अमर उजाला फाउंडेशन और हेस्को की ओर से आयोजित मिलन उत्सव का। कार्यक्रम में गढ़वाल की प्रसिद्ध गायिका रेखा धस्माना उनियाल के सुरों का जादू लोगों पर खूब चला।
वहीं, प्रसिद्ध नृत्यांगना इला पंत और दीया भाटिया की प्रस्तुतियों ने भी वाहवाही बटोरी। बड़ी संख्या में आए ग्रामीणों ने कलाकारों को भरपूर उत्साहवर्धन किया।
रविवार को बांदल घाटी के सीतापुर गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय धौलागिरी में मिलन उत्सव मनाया गया, जिसमें घाटी के पांच गांवों के लोग शामिल हुए। प्रसिद्ध नृत्यांगना इला पंत और उनकी शिष्या शिवानी गुसांई, ज्योत्सना रावत की गणेश वंदना की प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
इसके बाद रेखा धस्माना उनियाल ने अपने सुरों का जादू बिखेरा। कनक कला केंद्र की निदेशक एवं भरतनाट्यम की गुरु वीना अग्रवाल और उनकी शिष्या दीया भाटिया की प्रस्तुति ने भी ग्रामीणों को झूमने पर विवश किया।
उत्सव में अतिथियों को पहाड़ की संस्कृति के अनेक रंग देखने और पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद चखने को मिला। ग्रामीणों ने अपने नृत्य, गीत और खान पान से पहाड़ की संस्कृति को उकेरा। कार्यक्रम में राकेश उनियाल, सुमित्रा राणा, मोहित राणा, सविता कोटवाल, महिमा, दिप्ती, दिल्ली भागीरथी फाउंडेशन की रेनुका और जया आदि मौजूद रहे।
प्रतियोगिताओं के विजेता पुरस्कृत
मिलन उत्सव में बालिकाओं की जूनियर एवं सीनियर वर्ग की नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। जूनियर वर्ग में सरखेत टीम ने पहला स्थान हासिल किया। घंतुसेरा दूसरे और सीतापुर की टीम तीसरे स्थान पर रही। सीनियर वर्ग में सरखेत प्रथम, सीतापुर द्वितीय और घंतुसेरा की टीम तीसरे स्थान पर रही।
कुकिंग प्रतियोगिता में सीतापुर प्रथम, सरखेत द्वितीय और घंतुसेरा की टीम तीसरे स्थान पर रही। अंत्याक्षरी प्रतियोगिता में घंतुसेरा पहले, सरखेत दूसरे और ताछीला की टीम तीसरे स्थान पर रही।
पेंटिंग प्रतियोगिता में सरखेत की नैना प्रथम, घंतुसेरा की काजल द्वितीय और घंतुसेरा की पायल तृतीय रहीं। कार्यक्रम के अंत में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किए गए।
अनुभव साझा किए
सीतापुर की ग्राम प्रधान नमनी देवी, राजेंद्र सिंह, आरती पंवार, बिजेंद्र पंवार और उर्मिला देवी ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बांदल घाटी में किए जा रहे कार्यों से हो रहे विकास के बारे में अनुभव साझा किए। ग्रामीणों ने बताया कि फाउंडेशन के प्रयासों से ग्रामीणों के जीवन कई सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने से महिलाओं को भी मंच मिल पाता है। ऐसे मंचों पर महिलाएं बेहिचक होकर अपनी बात कह सकती हैं।
- आरती पंवार, सरखेत ग्राम प्रधान
प्रतियोगिताओं में भाग लेकर आत्मविश्वास पैदा होता है। हममें यह आत्मविश्वास अमर उजाला फाउंडेशन के इन कार्यक्रमों के माध्यम से आया है।
- नैना राणा, छात्रा, सरखेत