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Exclusive interview: एकता बिष्ट की जुबानी, महिला विश्वकप की पूरी कहानी

Sun, 30 Jul 2017 05:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
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ekta bisht
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मह‌िला व‌िश्व कप के जरिए उत्तराखंड को पहचान द‌िलाने वाली पहाड़ की बेटी एकता ब‌िष्ट ने हर कदम पर नाम रोशन क‌िया। भारत लौटने के बाद उनका उत्तराखंड में जोरदार स्वागत हुआ। तो चल‌िए जानते हैं व‌िश्वकप की पूरी कहानी खुद उनकी जुबानी...
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महिला क्रिकेट को लोग पहले इतनी तवज्जो नहीं देते थे, जितनी आज दे रहे हैं। यह सब मीडिया और सोशल मीडिया की देन है। एक महीने पहले जब भारतीय महिला क्रिकेट विश्वकप खेलने के लिए लंदन जा रही थी तो एयरपोर्ट पर टीम के सदस्यों को कोई पहचानने वाला नहीं था।

लेकिन, जब टीम विश्वकप फाइनल खेलकर भारत लौटी तो एयरपोर्ट पर प्रशंसकों का हुजूम देखकर टीम के सभी सदस्य उत्साहित थे। हमें लगा कि हमने जितना संघर्ष किया है वो आने वाली पीढ़ी को नहीं करना पड़ेगा।
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यह बातें भारतीय महिला विश्वकप टीम की सदस्य एकता बिष्ट ने अमर उजाला कार्यालय में एक सवाल के जवाब में कही। उनसे कई और सवाल अमर उजाला के मुख्य संवाददाता अभिषेक सिंह ने किए। आइए उनके जवाब उनकी जुबानी सुनते हैं... 

ekta bisht
 विश्वकप में महिला क्रिकेट को लेकर लोगों को भारी उत्साह देखकर महिला क्रिकेट के भविष्य के बारे में आपका क्या कहना है? 
-  महिला क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल है। टीम की हर सदस्य को जितना सम्मान मिल रहा है उसे देखकर कई और प्रतिभावान महिला खिलाड़ी आगे आएंगी, जो पारिवारिक या अन्य वजहों से आगे नहीं आती थीं। 

उत्तराखंड में महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए आप क्या करना चाहेंगी और अब तक क्या किया है इस संबंध में?  
- मुझसे जहां तक बन पड़ेगा मैं महिला क्रिकेटरों को सिखाने के लिए तैयार हूं। लेकिन, उत्तराखंड में मैदान से लेकर स्टेडियम, एकेडमी के साथ-साथ कई सुविधाएं नहीं हैं। निश्चित ही इसके बारे में प्रदेश सरकार को सोचना चाहिए।  

महिला आईपीएल को लेकर आपका क्या कहना है, क्या यह संभव है? 
- बिल्कुल संभव है। इसमें वक्त लग सकता है, लेकिन एक दो साल के भीतर देश में जरूर महिला आईपीएल होगा। 

क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स में जहां एक समय महिलाओं का प्रवेश वर्जित था उस मैदान में भारतीय टीम को खेलते हुए देखकर कैसा लगा? 
- यह एक सुखद अनुभूति थी, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। 

पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपने छह मैचों में नौ विकेट लिए, वहीं नौ मैचों में पूनम यादव ने 11 विकेट लिए। टूर्नामेंट में आप पर उन्हें तरजीह दी गई, इसकी वजह क्या मानती हैं आप। 
- इस बारे में मैं कुछ भी नहीं बोलूंगी। आप अगला सवाल पूछिए।  
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ekta bisht
आने वाले समय में मिताली और झूलन के स्थान पर आप किसे देखती है और इनके बिना ड्रेसिंग रूम का माहौल कैसा होगा?
- दोनों काफी सपोर्टिंग हैं। जहां तक इनके रिटायरमेंट का सवाल है तो अभी दोनों में काफी क्रिकेट बाकी है। उनका टीम में बने रहना भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य के लिए भी अच्छा है। 

क्या पहला मैच खेलने के दौरान सीनियर खिलाड़ियों ने आपकी रैगिंग ली?
- नहीं ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, हल्की-फुल्की खिंचाई तो चलती रहती है।  

अगले साल टी-20 वर्ल्ड कप होना है, जबकि अभी तक बीसीसीआई की टूर एंड फिक्चर कमेटी ने महिला क्रिकेट को लेकर कोई प्लान या टूर तय नहीं किया है।
- जल्द ही घरेलू सत्र शुरू होना है, फिलहाल इस पर फोकस है। इस दौरान टी-20 मैच भी होंगे, जो वर्ल्ड कप तैयारियों का हिस्सा है। 

आज महिला क्रिकेट को लोगों का जो समर्थन मिल रहा है, उससे टीम किस तरह देखती है?
- हाल के दिनों में महिला क्रिकेट को मिले समर्थन से टीम का मनोबल बढ़ा है। खुशी तब ज्यादा मिलती है कि जब जो आप करते हैं, लोग उसका समर्थन करते हैं। प्रशंसकों का साथ हमेशा हौसला बढ़ाता है। 
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