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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : दून-हरिद्वार हाईवे पर फर्राटा भरना है तो ढीली करनी होगी जेब

Tue, 01 Dec 2020 10:15 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal नवल किशोर यादव, अमर उजाला, डोईवाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
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निर्माणाधीन फोर लेन दून-हरिद्वार हाईवे पर फर्राटा भरना है तो जेब ढीली करने के लिए भी तैयार हो जाइए। जी हां, हाईवे के लिए तैयार किए जा रहे टोल बैरियर का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। राजधानी देहरादून जाने वाले वाहनों को फास्ट टैग के जरिए शुल्क देना होगा।

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टोल बैरियर के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाओं को पूरा करने में कार्यदायी संस्था जुटी हुई है। सबसे बड़ा सवाल अभी भी पर्दे के पीछे है, क्या स्थानीय लोगों को भी टोल देना होगा। इसको लेकर हाईवे से गुजरने वाले हर स्थानीय व्यक्ति की उत्सुकता बनी हुई है। 

देहरादून राजधानी आने वाले वाहनों को जहां नेशनल हाईवे तैयार हो जाने से आवाजाही में आसानी होगी। वहीं, इस आसान सफर के लिए ओवरब्रिज से थोड़ा आगे नेशनल हाईवे लच्छीवाला में टोल बैरियर पर शुल्क देकर गुजरना पड़ेगा। कार्यदायी संस्था एटलस ने टोल बैरियर का 90 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी दी है। बताया गया कि स्वचालित मशीनों को टोल बैरियर पर लगाया गया है।
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बेहद अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरो का जाल बिछाया गया है। जिससे प्रत्येक वाहन की आवाजाही का रिकार्ड कैद हो सके। टोल के लिए हाईवे पर दस लेन तैयार की गई है। जिसमें से पांच आने और पांच जाने के लिए खुली रहेगी।

हाई टैक ऑटोमेटिक मशीनें टोल वसूलने में मददगार बनेगी। टोल बैरियर के आसपास के इलाके में हाई मास्ट लाइटें लगाकर रोशनी रखी जाएगी। जिससे देर रात में यातायात को विजिबिलिटी बनी रहे। बताया जा रहा है कि नए साल की शुरूआत में टोल बैरियर का ट्रायल शुरू हो जाएगा। 

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अंतिम चरण में टोल बैरियर का काम

टोल बैरियर का काम अंतिम चरण में आ गया है। टोल बैरियर से संबधित 90 प्रतिशत कार्य पूरे किए जा चुके हैं। टोल बैरियर के सभी उपकरण टेस्टिंग मोड पर आ चुके हैं। टोल बैरियर पर अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। 15 दिनों की अवधि में टोल बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। जनवरी से टोल बैरियर का ट्रायल शुरू हो जाएगा।
- लोकेश देशवाल, एचआर और लीगल हेड, कार्यदायी संस्था एटल

कितना टोल देना होगा इसका असमंजस

 देहरादून नेशनल हाईवे निर्माण के बाद इस पर आवाजाही के टोल देना होगा। कौन, कितना टोल देगा, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार हाईवे पर आवाजाही करने वाले वाहनों का सर्वे होकर टोल की दर तय हो पाएगी। टोल बैरियर का नोटिफिकेशन होने के बाद ई टेंडरिंग के जरिए ठेेका होगा।

टोल बैरियर तैयार होने के कगार पर है। अब लोगों को टोल कितना होगा, इसको लेकर उत्सुकता है। विभागीय स्तर पर ही टोल शुल्क निर्धारित करने को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। क्या स्थानीय लोगों को भी टोल देना होगा, इसको लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

जंगली जानवरों की सुरक्षा को लेकर बनेगी हाथी रोधी दीवार

लच्छीवाला हाईवे पर जंगल में बनाए गए टोल बैरियर से जंगली जानवरों को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। लच्छीवाला फ्लाई ओवर के आसपास जंगल वाले हाईवे पर कई मर्तबा हाथी सड़क क्रास होते देखे गए हैं।

ऐसे में टोल बैरियर से जंगली जानवरों को नुकसान हो, इसके लिए वन विभाग इस क्षेत्र में करीब दस किमी के दायरे में ऊर्जा बाड़ और हाथी दीवार बनाने की बात कह रहा है। वन क्षेत्राधिकारी लच्छीवाला रेंज घनानंद उनियाल ने बताया कि ऊर्जा बाड़ और हाथी रोधी दीवार बनाने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन में दिया गया है।
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