टोल बैरियर का काम अंतिम चरण में आ गया है। टोल बैरियर से संबधित 90 प्रतिशत कार्य पूरे किए जा चुके हैं। टोल बैरियर के सभी उपकरण टेस्टिंग मोड पर आ चुके हैं। टोल बैरियर पर अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। 15 दिनों की अवधि में टोल बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। जनवरी से टोल बैरियर का ट्रायल शुरू हो जाएगा।
- लोकेश देशवाल, एचआर और लीगल हेड, कार्यदायी संस्था एटल
कितना टोल देना होगा इसका असमंजस
देहरादून नेशनल हाईवे निर्माण के बाद इस पर आवाजाही के टोल देना होगा। कौन, कितना टोल देगा, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार हाईवे पर आवाजाही करने वाले वाहनों का सर्वे होकर टोल की दर तय हो पाएगी। टोल बैरियर का नोटिफिकेशन होने के बाद ई टेंडरिंग के जरिए ठेेका होगा।
टोल बैरियर तैयार होने के कगार पर है। अब लोगों को टोल कितना होगा, इसको लेकर उत्सुकता है। विभागीय स्तर पर ही टोल शुल्क निर्धारित करने को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। क्या स्थानीय लोगों को भी टोल देना होगा, इसको लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
जंगली जानवरों की सुरक्षा को लेकर बनेगी हाथी रोधी दीवार
लच्छीवाला हाईवे पर जंगल में बनाए गए टोल बैरियर से जंगली जानवरों को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। लच्छीवाला फ्लाई ओवर के आसपास जंगल वाले हाईवे पर कई मर्तबा हाथी सड़क क्रास होते देखे गए हैं।
ऐसे में टोल बैरियर से जंगली जानवरों को नुकसान हो, इसके लिए वन विभाग इस क्षेत्र में करीब दस किमी के दायरे में ऊर्जा बाड़ और हाथी दीवार बनाने की बात कह रहा है। वन क्षेत्राधिकारी लच्छीवाला रेंज घनानंद उनियाल ने बताया कि ऊर्जा बाड़ और हाथी रोधी दीवार बनाने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन में दिया गया है।