भसीन के मुताबिक, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तो गंगा की अविरलता को बकरार रखने की घोषणा की थी। उनका कहना था कि हम गंगा को अपने संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग व पहचान मानते हैं। यह महान नदी जहां एक और आधे देश को जल देती है वहीं यह हमारी आस्था का केंद्र है। हमारी सरकार इसे पुन: वही प्रतिष्ठा प्रदान करेगी और इसे फिर नदी घोषित किया जाएगा।
उन्होंने गंगा सभा की बैठक में घोषणा की थी कि इस संबंध में शीघ्र आदेश जारी किया जा रहा है। लेकिन आम आदमी पार्टी झूठी निराधार बयानबाजी कर रही है। भ्रम फैलाने को कोशिश और बार-बार झूठ बोलना आप नेताओं की राजनीतिक आदत का हिस्सा है। यदि आम आदमी पार्टी में जरा भी नैतिकता है तो उसे अपने बयान को वापस लेना चाहिए और मां गंगा तथा प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
आम आदमी पार्टी जन सरोकारों से जुड़े मुद्दे उठा रही है। इससे भाजपा बेचैन है और बौखला गई है। गंगा को स्केप चैनल के मुद्दे पर भाजपा बेनकाब हो गई है। उसने 2017 में गंगा की अविरलता बनाने की बात कहकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया। फैसला लेने में उसे इतना समय लग गया। इससे जाहिर हो जाता है कि भाजपा और उसकी सरकारों में गंगा के प्रति कैसी आस्था है। आम आदमी पार्टी के आंदोलन के आगे सरकार को झुकना पड़ा।
- मयंक शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी