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हर की पैड़ी पर प्रवाहित गंगा के संबंध में ‘दुष्प्रचार’ पर सियासी रार, भाजपा कार्यकर्ताओं ने दी तहरीर

Tue, 01 Dec 2020 10:08 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : AMAR UJALA FILE PHOTO
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हरिद्वार में गंगा स्केप चैनल पर एक इंटर एक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) कॉल पर सियासी बवाल मच गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने रुड़की गंगनहर कोतवाली में सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो को लेकर तहरीर दी है और इसकी जांच की मांग की है। 

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भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि आम आदमी पार्टी (आप) कार्यकर्ता इस ऑडियो के जरिये मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। इधर, प्रदेश भाजपा ने भी आम आदमी पार्टी से कहा कि उसमें जरा भी नैतिकता है तो वह तत्काल दुष्प्रचार पर रोक लगाए और दुष्प्रचार के लिए माफी मांगे। दरअसल, पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी वजह आईवीआर कॉल से दिए जा रहे संदेश को माना जा रहा है। 

पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी डॉ. देवेंद्र भसीन के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो में बोलने वाला व्यक्ति खुद को आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता बता रहा है। वह बोल रहा है कि गंगा को स्केप चैनल घोषित करने का कार्य भाजपा सरकार ने किया। आम आदमी पार्टी के आंदोलन के बाद प्रदेश सरकार ने अपना फैसला वापस लिया। 
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भसीन ने कहा कि यह पूरी तरह से शरारतपूर्ण बयान है। यह राज्य सरकार को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है। इस बात को सभी लोग जानते हैं कि गंगा नदी को हरिद्वार में स्केप चैनल घोषित करने का कार्य प्रदेश की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने किया था। इस बारे में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कुछ समय पूर्व संतों के बीच जाकर सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती भी मानी थी। 

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गंगा संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग व पहचान

भसीन के मुताबिक, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तो गंगा की अविरलता को बकरार रखने की घोषणा की थी। उनका कहना था कि हम गंगा को अपने संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग व पहचान मानते हैं। यह महान नदी जहां एक और आधे देश को जल देती है वहीं यह हमारी आस्था का केंद्र है। हमारी सरकार इसे पुन: वही प्रतिष्ठा प्रदान करेगी और इसे फिर नदी घोषित किया जाएगा।

उन्होंने गंगा सभा की बैठक में घोषणा की थी कि इस संबंध में शीघ्र आदेश जारी किया जा रहा है। लेकिन आम आदमी पार्टी झूठी निराधार बयानबाजी कर रही है। भ्रम फैलाने को कोशिश और बार-बार झूठ बोलना आप नेताओं की राजनीतिक आदत का हिस्सा है। यदि आम आदमी पार्टी में जरा भी नैतिकता है तो उसे अपने बयान को वापस लेना चाहिए और मां गंगा तथा प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी जन सरोकारों से जुड़े मुद्दे उठा रही है। इससे भाजपा बेचैन है और बौखला गई है। गंगा को स्केप चैनल के मुद्दे पर भाजपा बेनकाब हो गई है। उसने 2017 में गंगा की अविरलता बनाने की बात कहकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया। फैसला लेने में उसे इतना समय लग गया। इससे जाहिर हो जाता है कि भाजपा और उसकी सरकारों में गंगा के प्रति कैसी आस्था है। आम आदमी पार्टी के आंदोलन के आगे सरकार को झुकना पड़ा।
- मयंक शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी
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