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नेताओं के बारे में ये है शिक्षकों की राय

Mon, 31 Mar 2014 10:45 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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शिक्षकों का कहना है कि राजनीति में अब ऐसे लोग आ रहे हैं जो जनहित नहीं अपना हित पहले देखते हैं।
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प्रत्याशी चयन को लेकर दुविधा में जनता
नेता पल-पल में जिस तरह पाला बदल रहे हैं, उससे जनता भी प्रत्याशी चयन को लेकर दुविधा में है। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अमर उजाला कार्यालय पटेलनगर में आयोजित चुनावी बहस में विभिन्न मुद्दों पर शिक्षक खुलकर बोले।

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शिक्षकों ने कहा कि जो लोग ईमानदारी और नैतिकता के दावे करते हैं, वे खुद ईमानदार नहीं है।  

नेताओं का विकास, जनता बेहाल
राजनीति में आने के बाद नेताओं की चल-अचल संपत्ति बेहिसाब बढ़ती रहती है, लेकिन गरीब जनता की हालत और बिगड़ी है।

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ऐसे लोगों को टिकट नहीं मिलना चाहिए जिनपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। खासकर राष्ट्रीय दलों को इस मामले में स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए। जनता को भी ऐसे लोगों को नकारना चाहिए। वोट की चोट ही राजनीति से भ्रष्टाचार का सफाया कर सकती है।
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सिर्फ कानून से नहीं मिलेगा अधिकार
शिक्षकों का मानना है कि केवल कानून बना देने से महिलाओं को सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती। महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों की सुनवाई तेजी से होनी चाहिए।

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देरी से अपराधियों के हौसले बुलंद हो जाते हैं। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री सूरत सिंह तोमर और राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि महिला अपराध के पीछे नशा भी प्रमुख वजह है।

युवाओं को नैतिक शिक्षा देकर उन्हें जागरूक करना होगा। स्कूलों में इसके लिए कार्यशालाएं आयोजित होनी चाहिए।

महंगाई है अहम मुद्दा
शिक्षकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में महंगाई अहम मुद्दा है। पेट्रोल मूल्य में वृद्धि का असर अन्य चीजों पर भी पड़ा है।

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उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री अनिल नौटियाल का कहना है कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण नहीं कर पाई है। गरीब और मध्य वर्ग पर इसकी सबसे अधिक मार पड़ी है।

रेलवे लाइन के दावे हवाई
शिक्षकों का कहना है कि रेल सेवाओं के मामले में हर साल प्रदेश की जनता को धोखा दिया जाता है। रुद्रप्रयाग तक रेल लाइन का सपना लंबे समय से लोगों को दिखाया जा रहा है, लेकिन यह कब पूरा होगा पता नहीं।

हाईवे की नहीं सुधरी हालत
शिक्षकों का कहना है कि चार धाम यात्रा शुरू होने वाली है, लेकिन नेशनल हाईवे की हालत बेहद खराब है।

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जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला मंत्री अनंत कुमार सोलंकी के अनुसार उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चमोली में राजमार्गों की स्थिति में सुधार यात्रा के लिहाज से ही नहीं बल्कि सामरिक दृष्टि से भी जरूरी है।
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यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मसला है, लेकिन किसी भी चुनाव में यह मुद्दा नहीं बन पाया।

क्षेत्रवाद, जातिवाद दुर्भाग्यपूर्ण
शिक्षक संतराम, रियासत अली, चंद्र प्रकाश कंडवाल, नागेंद्र पुरोहित, नरेंद्र सिंह बिष्ट और शैलेंद्र सिंह बताते हैं कि चुनाव से पहले कई मुद्दों पर बात तो होती है, लेकिन अंतिम क्षणों में क्षेत्रवाद और जातिवाद हावी हो जाता है।

अन्य मुद्दे गौण हो जाते है, राजनीतिक दल भी इन्हीं समीकरणों को देखकर प्रत्याशी को टिकट देते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

जब तक स्वच्छ छवि के प्रत्याशी चुनकर नहीं आएंगे और इसी तरह क्षेत्रवाद और जातिवाद हावी रहेगा, तब तक भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग सकता।
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