जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों छात्रों की संख्या में करीब 44 हजार का इजाफा हुआ है। देहरादून के सरकारी स्कूलों में भी बच्चों के नामांकन बढ़े हैं। करीब हर सरकारी स्कूल में 8 से 10 प्रतिशत बच्चे प्राइवेट स्कूलों के आए हैं। इसका कारण कई प्राइवेट स्कूलों का बंद होना और अभिभावकों की बिगड़ी आर्थिक स्थिति है।
स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सुधारने के लिए हर संभव कार्य किए जा रहे हैँ। वहीं कुछ निजी स्कूलों के अधिकारियों ने बताया कि उनके यहां पहले प्रवेश के लिए होड़ मची रहती थी, इस बार कुछ सीटें खाली है। कोरोना काल में कई बच्चों ने टीसी भी ली है। जिससे स्कूलों में छात्रों की संख्या भी कम हुई है।
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बीते दो साल की फीस से बचने के लिए अभिभावक अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला करा रहे हैं। ऐसे में अगर यह बच्चे बाद में पब्लिक स्कूलों में प्रवेश लेना चाहे तो उन्हें तिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि कुछ ही पब्लिक स्कूलों में बच्चों की संख्या कम हुई है।
-प्रेम कश्यप, अध्यक्ष, प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन