आसपास के कई अन्य लोग भी इसमें जुट गए। बाद में एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि, इससे पहले ही करीब डेढ़ घंटे के लंबे रेस्क्यू के बाद छत्र बहादुर को मलबे से निकाला गया।
उसे 108 एंबुलेंस से सीधे बेस अस्पताल भेजा गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक कमल राम आर्य, कोतवाल अरुण वर्मा भी मौके पर पहुंचे।
इधर पुलिस ने बताया कि परिजनों को सूचना देने के बाद पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने इसे निर्माणकर्ता की लापरवाही बताया है। हालांकि अभी तक किसी की ओर से शिकायत दर्ज नहीं हुई है। पुलिस ने कहा कि शिकायत के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।