- अखाड़ों के ईष्टदेव के नाम पर एक-एक घाट आवंटित हो।
- पेशवाई निकलने वाले मार्गों की मरम्मत।
- कुंभ के दौरान 50 किमी क्षेत्र या संभव दूरी पर पार्किंग बने ।
- श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क यातायात की व्यवस्था हो ।
- अखाड़ों के सभी संपर्क मार्ग व्यवस्थित किए जाएं।
- बैरागी कैंप में दिगंबर अणि, निर्मोही अणि, निर्वाणी अणि अखाड़े को भूमि आवंटित करें ।
- बैरागी कैंप की भूमि पर अतिक्रमण न होने दें।
- भू-समाधि के लिए स्थायी जमीन आवंटित करें ।
बैठक में ये संत हुए शामिल
श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल से महंत देवेंद्र शास्त्री, अग्नि अखाड़े से महंत मुख्तानंद, जूना अखाड़ा से महंत महेश पुरी, जूना आह्वान से महंत सत्यगिरी, निरंजनी अखाड़े से महंत ओमकार गिरि, आनंद अखाड़ा से महंत शंकरानंद सरस्वती, महानिर्वाणी से महंत कृष्णापुरी, अटल अखाड़ा से महंत बलराम भारती, नया उदासीन बड़ा अखाड़ा से महंत दामोदर दास, महंत प्रेमदास, निर्वाणी अणि से महंत मोहनदास, दिगंबर अणि से महंत कृष्णदास, निर्मोणी अणि से महंत राजेंद्र दास, महंत रामजी दास, नया उदासीन से महंत भगतराम, जूना अखाड़ा से महंत सोहन गिरि, महंत गणपति गिरि, निरंजनी अखाड़ा से श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज, संपूर्णानंद ब्रह्मचारी आदि शामिल हुए।
शाही स्नान की तिथियां
मुख्य स्नान - 14 जनवरी मकर संक्रांति पर
पहला शाही स्नान- 11 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व पर
दूसरा शाही स्नान- 12 अप्रैल को सोमवती अमावस्या पर
तीसरा शाही स्नान- 14 अप्रैल को बैसाखी मेष पूर्णिमा पर
चौथा शाही स्नान- 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा पर
यह होंगे पर्व स्नान
11 फरवरी मौनी अमावस्या पर
13 फरवरी वसंत पंचमी पर
27 फरवरी माघ पूर्णिमा पर
13 अप्रैल नव संवत्सर पर।