हरिद्वार कुंभ आयोजन के दौरान 18 अप्रैल को तीनों बैरागी अखाड़ों ने नाराजगी जताते हुए परिषद से खुद को अलग कर लिया था। इसके बाद अखाड़ा परिषद में 10 अखाड़े ही रह गए। इन्हीं अखाड़ों से अध्यक्ष पद की दौड़ में श्री निरंजनी अखाड़े के सचिव एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी सबसे आगे थे। जबकि महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्रपुरी भी प्रबल दावेदार थे।
अब अखाड़ों के संख्या बल पर टिका अध्यक्ष का चयन
अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि ने नई कार्यकारिणी को न्याय संगत नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार कार्यकारिणी घोषणा से पहले एजेंडा जारी होना चाहिए थे, लेकिन रातोंरात नई कार्यकारिणी बना दी गई। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के लिए जो भी दावेदार हैं, उन्हें प्रयागराज की बैठक में बहुमत साबित करना चाहिए। बैठक का एजेंडा सभी अखाड़ों को पहले ही जारी किया जा चुका है। सात अखाड़ों ने नई कार्यकारिणी घोषित की है। अब निर्मल अखाड़े के दो फाड़ होने के बाद 25 अक्तूबर की प्रस्तावित बैठक के लिए भी सात अखाड़ों का समर्थन मिल गया है। इनमें जूना अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा, आह्वान अखाड़ा, आनंद अखाड़ा, नया अखाड़ा श्री निरंजनी अखाड़ा और निर्मल अखाड़ा शामिल है।
प्रयाग में सुबह 11 बजे होगी बैठक
प्रयागराज में बैठक 25 अक्तूबर की सुबह 11 बजे से शुरू होगी। इसमें सात अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें दो-दो श्रीमहंत शामिल होंगे। बहुमत के आधार पर अध्यक्ष का चयन होगा। यदि बैठक में आम सहमति नहीं बनती है तो भविष्य में फिर बैठक बुलाई जाएगी।