अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में भी हुई चर्चा
बीते दिनों डीआईटी यूनिवर्सिटी में टनल टेक्नोलॉजी पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में भी इस परियोजना पर विशेषज्ञों के बीच चर्चा की गई। इसमें परियोजना के कई तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञों ने अपनी राय दी। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम कर रही एलटी लॉक कंपनी के सुरंग विशेषज्ञ श्वेताभ सिंह ने बताया कि यह मेगा प्रोजेक्ट उत्तराखंड के मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना के सफलता से पूरा होने के बाद इसी तरह के दूसरे प्रोजेक्ट की राह आसान होगी। उन्होंने बताया कि पहाड़ों में सुरंगों के निर्माण को लेकर लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं हैं, जबकि सुरक्षित और आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए सुरंगों का निर्माण पर्यावरणीय दृष्टि से भी सही है।
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... तब लोग मसूरी जाने के बजाए टिहरी जाना पसंद करेंगे
वीकेंड पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और स्थानीय लोग आमतौर पर मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार का रुख करते हैं। देहरादून-टिहरी टनल बन जाने से पर्यटकों के लिए विकेंड का नया डेस्टीनेशन टिहरी झील हो सकता है। टिहरी झील करीब 42 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली है। यहां कई वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां संचालित की जाती हैं, जो हमेशा से पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।