दून अस्पताल में स्वाइन फ्लू का एक और संदिग्ध मरीज भर्ती हुआ है। मरीज में इस रोग के प्राथमिक लक्षण मिलने के बाद जांच के लिए रक्त नमूने भेजे गए हैं।
अस्पताल में दवा नहीं होने पर मैक्स अस्पताल से किसी तरह व्यवस्था की गई। जिले में स्वाइन फ्लू का यह पांचवां मामला है। अब तक एक मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। जबकि अलग-अलग अस्पतालों में चार संदिग्ध मरीज भर्ती हुए हैं।
गुड़गांव में नौकरी करने वाला चकराता रोड निवासी व्यक्ति 23 जनवरी को सिनर्जी अस्पताल में भर्ती हुआ था। सोमवार को परिजन उसे दून अस्पताल ले आए। मरीज को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया, लेकिन दवा का संकट खड़ा हो गया।
किसी तरह, मैक्स अस्पताल से दस टैबलेट मंगाई गई। ये दवाएं मरीज को पांच दिन तक एक-एक टैबलेट सुबह-शाम दी जानी हैं। युवक का इलाज कर रहे वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रवीण पंवार ने बताया कि मरीज की हालत स्थिर है।
दून अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि मरीज के रक्त नमूने जांच के लिए दिल्ली भिजवाए हैं। दवा मंगाने के लिए लगातार महानिदेशालय से संपर्क किया जा रहा है।
दवाएं न होने से स्वास्थ्य कर्मियों को खतरा
स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे के बावजूद स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों में इस घातक रोग की दवा टेमी फ्लू उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। दवा न होने से स्वाइन फ्लू के संदिग्ध रोगियों का इलाज करने से स्वास्थ्य कर्मी भी अब कतराने लगे हैं, उन्हें डर है कि कहीं वे भी संक्रमित न हो जाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से फैलता है। चिकित्सक तो राउंड के दौरान ही वार्ड में आते हैं, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों को देखरेख के लिए 24 घंटे मरीज के आसपास रहना पड़ता है। एहतियात के तौर पर इस घातक रोग से बचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को भी रोजाना एक टैबलेट खानी पड़ती है।
लेकिन सरकारी अस्पतालों में टेमी फ्लू टैबलेट खत्म हो चुकी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग कई बार पत्र लिखने के बावजूद अस्पतालों को दवा उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों को खुद की सेहत की भी चिंता सताने लगी है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ स्वास्थ्यकर्मियों ने यह डर जाहिर भी किया।
चुनिंदा कंपनियां ही टेमी फ्लू टैबलेट बनाती हैं। इन कंपनियों को बार-बार पत्र भेजकर और मौखिक तौर पर भी दवा की आपूर्ति करने के लिए अनुरोध किया जा रहा है। कुछेक दिन में आपूर्ति करने का आश्वासन मिला है।
- डॉ. एसपी अग्रवाल, सीएमओ