मौसम विभाग द्वारा ढाई हजार मीटर की ऊंचाई वाले स्थानों में बर्फीले तूफान की आशंका जताए जाने प्रशासन सचेत हो गया है। उत्तरकाशी, चमोली और पौड़ी तीन जिलों में जिम्मेदार अधिकारियों को बिना सूचना जिला मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तरकाशी जिले में आईटीबीपी और सेना को भी सतर्क कर दिया गया है।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी इंदुधर बौड़ाई ने बताया कि जिले के सभी एसडीएम के साथ ही आईटीबीपी और सेना को भी अलर्ट कर दिया गया है। जिले में मोरी ब्लाक का सांकरी हरकीदून, नौगांव ब्लाक में यमुनोत्री क्षेत्र, भटवाड़ी ब्लाक में उपला टकनौर और गंगोत्री क्षेत्र इस लिहाज से संवेदनशील है।
प्रशासन ने पड़ताल कर ली है कि आजकल इन स्थानों पर कोई पर्यटक नहीं हैं। बर्फबारी वाले गांवों में लोगों को तूफान की स्थिति में घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। बर्फबारी में यदि ऊंचाई वाली सड़कें बंद होती हैं तो वहां तत्काल यातायात बहाल करने के लिए बीआरओ, लोनिवि एवं राजमार्ग खंड के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिले में आपदा प्रबंधन टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में राशन का भंडारण
चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में राशन की आपूर्ति पूरी कर ली गई है। पाण-ईराणी क्षेत्रों में 20 कंबल और 10 तिरपाल पूर्व में भेज दिए गए थे। जरूरत के हिसाब से दुबारा कंबल और तिरपाल भेजे जाएंगे।
चमोली जिले में 25 सौ मीटर की ऊंचाई पर करीब 24 गांव स्थित हैं। सीमा सड़क संगठन और लोनिवि के अधिकारियों को बर्फबारी होने पर सड़कों को खोलने के लिए हर समय जेसीबी मशीनें तैयार रखने के लिए कहा गया है।
जिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि हिमाच्छादित जोशीमठ-औली और गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ मोटर मार्ग से बर्फ हटाने के लिए स्नो कटर की व्यवस्था कराई जाएगी।
तूफान पर संयुक्त टीमें रखेंगी नजर
पौड़ी के जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि तूफान की आशंका को देखते हुए सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों, जल संस्थान, जल निगम, लोनिवि और ऊर्जा निगम के अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है। विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए संयुक्त टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हिमस्खलन पर निर्देश जारी
गृह मंत्रालय की ओर से 21 जनवरी के लिए जारी हिमस्खलन के अलर्ट पर सीएम हरीश रावत ने जिलाधिकारियों को सचेत रहने को कहा है। गृह मंत्रालय ने हाल ही में 2500 मीटर से अधिक की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया था।
आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक सभी संबंधित जिलों को अलर्ट भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक जिलाधिकारियों से संबंधित क्षेत्रों के लिए एडवाइजरी जारी करने और राहत आदि की तत्काल व्यवस्था करने को कहा गया है।