राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का दून दौरा और उत्तराखंड की सीमा पर आतंकवादी टुंडा का पकड़ा जाना दोनों ही बातों से खुफिया अमला सतर्क हो गया है।
पाकिस्तान, बंग्लादेश और खड़ी देशों से आने वाली फोन कॉल्स पर बारिकी से नजर रखी जा रही है। खुफिया एजेंसियों की साइबर यूनिट, इंटरनेट और मोबाइल एप्लिकेशन पर भी नजरें गड़ाए हुए हैं।
दून में राष्ट्रपति का दौरा उस समय हो रहा है जब कुछ ही दिन पहले नेपाल बार्डर पर लश्कर ए तय्यबा से जुड़ा और भारत में कई बम धमाकों का गुनहगार अब्दुल करीब टुंडा पकड़ा गया। राष्ट्रपति के दून दौरे से कई दिन पहले ही रॉ, आईबी व आर्मी इंटेलिजेंस विंग दून में डेरा डाले हुए है।
चप्पे-चप्पे पर खुफिया तंत्र
शहर के चप्पे-चप्पे पर खुफिया तंत्र का नेटवर्क बिछ गया है। संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है और कई लोगों से गुपचुप तरीके से पूछताछ की जा रही है। जौलीग्रांट से जीटीसी और जीटीसी से पेट्रोलियम विवि तक सुरक्षा एजेंसियों ने ऊंची इमारतों का भी बारिकी जायजा लिया है।
इसके साथ ही लोकल पुलिस के अधिकारियों के साथ भी कॉर्डिनेशन पर ध्यान दिया जा रहा है। एसएसपी केवल खुराना ने बताया एसटीएफ और एलआईयू भी संदिग्धों पर कड़ी नजर रखे हुए है। सभी क्षेत्राधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है।