पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर नहीं ली राय
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण दिल का दौरा पड़ना आया था। इस पर विशेषज्ञों की राय ली जाती है। सीबीआई को निर्देशित किया गया था कि वह एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों की राय ले। विशेषज्ञों ने राय देते हुए कहा कि हिस्टोपैथेलॉजी परीक्षा नहीं की गई है। लेकिन, दिल के दौरे को मृत्यु का एक कारण माना जा सकता है। न्यायालय ने माना कि निर्देश के बावजूद सीबीआई ने हिस्टोपैथेलॉजी परीक्षा नहीं कराई। इससे सच सामने आ सकता था।
परिजनों को पैसे देने की नहीं हुई जांच
आरोप ये भी लगे थे कि पुलिसकर्मियों ने अजय के पिता महंगीलाल को पांच लाख रुपये देने की बात कही थी। अधिवक्ता संजीव शर्मा (मृत्यु हो चुकी है) के बस्ते पर यह लेनदेन किया गया था। इसके लिए अजय की पत्नी सुमन से शपथपत्र लिया गया कि वह पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं कराएगी। ढाई लाख रुपये अजय के पिता को दिए गए थे। लेकिन, हाईकोर्ट ने इस शपथपत्र को खारिज कर दिया। न्यायालय ने इसकी दोबारा विवेचना सीबीआई से करने को कहा। मगर, सीबीआई ने इस तथ्य की भी विवेचना नहीं की।