जून में आई आपदा से सबक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग एक अनूठी पहल करने जा रहा है।
एमओयू हस्ताक्षरित होगा
आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के सहयोग से विभाग अपने चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ को आपदा प्रबंधन के गुर सिखाएगा।
आपदा प्रबंधन प्रशिक्षित मानव संसाधन विकसित करने के लिए अगले सप्ताह विभाग एम्स के साथ एमओयू हस्ताक्षरित करेगा।
आपदा के दौरान बाद राहत अभियान के दौरान पहाड़ों में सुरक्षित प्रसव, टीकाकरण, महामारी नियंत्रण जैसी चुनौतियों से निपटने में विभाग असहाय दिखा।
केंद्र के विशेषज्ञों की मदद से स्थिति को काबू पाया जा सका। ऐसी त्रासदी से निपटने में खुद को सक्षम बनाने के लिए एम्स के विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है।
कई चरणों में चलेगा कार्यक्रम
इसके तहत अखिल भारतीय संस्थान के विशेषज्ञ राज्य को प्रशिक्षित मानव संसाधन व्यवस्था तैयार करने में प्रशिक्षित व मार्गदर्शित करेंगे। प्रशिक्षिण का यह कार्यक्रम कई चरणों में चलेगा जिसे लगभग तीन वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।
इस फायदा राज्य में आपदा के हालात के लिए आवश्यक उपकरण खरीद से लेकर व्यवस्था को बनाने की प्लानिंग में भी होगा।
मास्टर ट्रेनर तैयार करेगा एम्स
आपदा प्रबंधन के लिए एम्स राज्य के चिन्हित चिकित्सकों को मास्टर ट्रेनर के तौर पर तैयार करेगा। इसके लिए डॉक्टरों का चिन्हीकरण किया जा रहा है, जो एक माह तक एम्स के मास्टर ट्रेनिंग प्रोग्राम का नई दिल्ली में प्रशिक्षण लेंगे।
तीन वर्ष तक प्रोग्राम यह मास्टर ट्रेनर राज्य के नर्स, एएनएम और आशा वर्करों सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग देगा।
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