इसके तहत जन्म के समय से जीभ का तालू से चिपका होना, तंत्रिका नली दोष, कान की महंगी सर्जरी, आंखों की सर्जरी, जन्म पर दोष, न्यूनता, बचपन की बीमारियों, विकास में देरी और विकलांगता के अंतर्गत आने वाली सभी बीमारियों का उपचार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि राज्य के तीन मेडिकल कॉलेज, फोर्टिस अस्पताल, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल, जौलीग्रांट अस्पताल में भी यह सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत इस वर्ष अभी तक 506 बच्चों की मुफ्त सर्जरी की जा चुकी है।