ऐसे में देशभर में खालिस्तानी समर्थकों को सक्रिय करने की कोशिश जरूर की जाएगी। इस लिहाज से उत्तराखंड भी बेहद संवेदनशील है। पुलिस को बताया कि खालिस्तानी समर्थकों की गतिविधियों को लेकर देहरादून का डोईवाला, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के इलाके में खास सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्याेंकि उत्तराखंड का सिख आतंकवाद से पुराना जुड़ाव रहा है।
खुफिया तंत्र के अधिकारियों ने पुलिस को यह टिप्स भी दिए कि किस तरह खालिस्तानी समर्थकाें पर नजर रखी जाए। पूर्व में भी खालिस्तानी आंदोलन को हवा देने के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग किया गया है।
अब भी सोशल मीडिया का प्रयोग होने की उम्मीद ज्यादा है। खालिस्तानी संबंधी पोस्ट डालने वालों की अनिवार्य रूप से कांउसिलिंग जरूर कराई जाए। यह संख्या एक से लेकर दो हजार लोगों तक की हो सकती है। कांउसिलिंग के बाद उनकी सक्रियता पर विराम नहीं लगता तो संबंधित थाना पुलिस रेंज के डीआईजी से अनुमति लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है।