सड़क, बेहतरीन पेयजल आपूर्ति बनाना, 24 घंटे पानी देने की व्यवस्था करना, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत विभिन्न कार्य, नदियों के किनारों पर सुद्ढ़ीकरण के कार्य, ध्यान पार्क, इंडियन कल्चरल म्यूजियम, अच्छी बिजली आपूर्ति की व्यवस्था, सीसीटीवी की निगहबानी, मल्टीलेवल पार्किंग, अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक, फायर सेफ्टी, स्काईवाक, कम्युनिटी क्लीनिक, फर्स्टएड सेंटर, ट्रांसपोर्टेशन हब आदि।
हर शहर किसी न किसी योजना में होगा कवर
वाहृय सहायतित योजनाओं में ज्यादा से ज्यादा प्रस्ताव देकर सरकार इनसे कवर होने वाले शहरों का दायरा बढ़ाना चाहती है। अमृत योजना में पहले से ही उत्तराखंड के दून, हरिद्वार समेत सात शहर कवर हो रहे हैं। इसके लिए भी लगातार धनराशि उपलब्ध हो रही है। अब सरकार अन्य शहरों को कवर करने के लिए इन योजनाओं से जुड़ी तमाम बातों को टटोल रही है। शहरी विकास और आवास मंत्री मदन कौशिक के अनुसार किसी भी शहर को छोड़ा नहीं जाएगा। वित्तीय एजेंसियों से मदद लेकर हर शहर के लिए कोई न कोई योजना लाने का लक्ष्य है।
एआईआईबी से 4200 करोड़ के ऋण पर सैद्घांतिक सहमति बन गई है। दिल्ली में हुई बैठक में इससे संबंधित सभी पक्षों के बीच सहमति बनी है। जल्द ही इसके लिए औपचारिक करार की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। इसके बाद, डीपीआर और अन्य औपचारिकताएं पूरी होंगी। 2020 से लेकर 2029 तक के लिए यह आर्थिक सहायता उत्तराखंड को मिलनेे जा रही है। यह निर्णय उत्तराखंड के शहरों की बेहतरी के हिसाब से बेहद महत्वपूर्ण है।
-मदन कौशिक, शहरी विकास और आवास मंत्री, उत्तराखंड।