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आधी-अधूरी तैयारियों से हुआ भोले के भक्तों का स्वागत, जान लें ये रूट प्लान

Thu, 18 Jul 2019 08:51 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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कांवड़ यात्रा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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शासन और प्रशासन की तरफ से एक महीने पहले से कांवड़ यात्रा की तैयारियां समय से पहले पूरे करने के दावे किए जा रहे थे। इस दौरान कैबिनेट मंत्रियों के साथ गढ़वाल आयुक्त ने भी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कांवड़ यात्रा की तैयारियां पूरी नहीं हो सकी। बुधवार को आधी अधूरी तैयारियों के बीच कांवड़ यात्रा शुरू हो गई। गंगाजल भरकर लौटने वाले शिवभक्तों की कांवड़ पटरी कड़ी परीक्षा लेगी। कांवड़ पटरी पर जगह जगह गड्ढे पड़े और बारिश के बाद इनमें पानी भर गया है।  

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प्रशासन का दावा है कि इस बार सावन में तीन करोड़ कांवड़िए जल भरने के लिए हरिद्वार आएंगे। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के लिए व्यवस्था करने का दावा किया जा रहा था। लेकिन शहर और आसपास के ऐसे इलाकों में जहां जहां कांवड़िए पहुंचते हैं वहां अव्यवस्थाएं हैं। मेला क्षेत्र में केवल तीन सौ अस्थायी टॉयलेट बनाए गए हैं। पानी के लिए पाइप लाइन भी डाल दी गई है, लेकिन पानी का कनेक्शन टॉयलेट के अंदर नहीं है। पुल जटवाड़ा ज्वालापुर में तो टॉयलेट अभी बने ही नहीं हैं। 

ऐसे में कांवड़ खुले में शौच करने को मजबूर होंगे और गंगा के मैदानों पर गंदगी फैलनी तय है। कांवड़िए जलभर कांवड़ पटरी से ही पैदल वापसी करते हैं। 55 किलोमीटर लंबी गंगनहर पटरी पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हैं। पंतद्वीप क्षेत्र में जहां कांवड़ का बाजार लगाया जा रहा है वह पूरा क्षेत्र तालाब बना है। पानी की निकासी के लिए अभी तक पंप नहीं लगाए गए हैं। 
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हरिद्वार में कांवड़ मेले में सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने मेला क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 31 जोन और 133 सेक्टर में बांटा है। इसके लिए मेला क्षेत्र में दस हजार पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। शहर के लिहाज से भी एक सुपर जोन बनाया गया है ताकि शहर के अंदर कांवड़िए प्रवेश न कर सकें।  

देहरादून शहर के बीच से नहीं जाएंगे कांवड़ियों के वाहन

17 जुलाई (बुधवार) से शुरू हुई कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस प्रशासन ने रूट प्लान जारी कर दिया है। देहरादून में हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से हरिद्वार-ऋषिकेश जाने वाले कांवड़ियों के वाहन राजधानी के बीचोंबीच से होकर नहीं जाएंगे। जबकि हरिद्वार से पैदल गंगाजल लेकर आने वाले शिवभक्त शहर के बीच से होकर अपने गतंव्य को जा सकते हैं। पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने कांवड़ियों से व्यवस्था बनाने में सहयोग की अपील की है। 

यह रहेगा रूट प्लान
- पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले कांवड़िए पांवटा साहिब से कुल्हाल चौकी, धर्मावाला, नया गांव, शिमला बाईपास, आईएसबीटी, कारगी चौक, दूधली, डोईवाला, भानियावाला होते अपने वाहनों से जाएंगे। वापसी के लिए भी इनका यही रूट रहेगा। 
- सहारनपुर की तरफ से आने वाले कांवड़िए आईएसबीटी से कारगी चौक, दूधली, डोईवाला, भानियावाला से होते हुए हरिद्वार और ऋ षिकेश जाएंगे। इसी रूट से उन्हें वापस आना होगा। 
- हरिद्वार और ऋषिकेश से शिव मंदिर कुठाल गेट जाने वाले शिवभक्त डोईवाला से जोगीवाला चौक, पुलिया नंबर छह, लाडपुर, सहस्त्रधारा क्रॉसिंग, आईटी पार्क से मसूरी डायवर्जन से होकर जाएंगे। 
- हरिद्वार और ऋ षिकेश से टपके श्वर मंदिर आने-जाने वाले शिव भक्त डोईवाला से दूधली, आईएसबीटी, जीएमएस रोड, बल्लूपुर चौक और कैंट चौक से जा सकेंगे।

रूट पर 24 घंटे रहेगी पुलिस
कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने राजधानी को पांच जोन में विभाजित किया है। सीओ और इंस्पेक्टराें को जोन का प्रभारी बनाया गया है। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि कांवड़ रूट पर चौबीस घंटे पुलिस रहेगी। मसूरी में कांवड़ियों के आवागमन पर पूरी तरह रोक रहेगी। कुठाल गेट स्थित शिव मंदिर से किसी भी कांवड़ियों को आगे नहीं जाने दिया जाएगा।

रामझूला पुल पर पैदल भीड़ बढ़ी तो शिवानंद गेट पर रोके जाएंगे दोपहिया

कांवड़ मेले के दौरान अगर रामझूला पुल पर पैदल भीड़ बढ़ती है तो दोपहिया वाहन शिवानंद गेट पर रोक दिए जाएंगे। इसके अलावा स्थानीय व्यापारियों की सामान ढुलाई के लिए इस झूला पुल को रात साढ़े दस बजे से सुबह चार बजे तक खुला रखा जाएगा। इमरजेंसी या स्कूल आदि जाने के लिए लक्ष्मणझूला से मुनिकीरेती जाने के लिए स्थानीय लोग रामझूला पुल से जा सकेंगे।

एसएसपी टिहरी योगेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को कांवड़ मेले के मद्देनजर शीशमझाड़ी स्थित स्वतंत्रानंद आश्रम में पुलिसकर्मियों की बैठक ली। व्यवस्थाओं को जांचा परखा। उन्होंने कहा कि लक्ष्मणझूला पुल बंद होने से रामझूला पुल पर दबाव बढ़ेगा। इस कारण रामझूला को वन-वे रखा गया है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने को कहा। बताया कि पुलिस कर्मियों का साथ देने के लिए स्पेशल पुलिस अफसर और जूनियर ट्रैफिक फोर्स की भी व्यवस्था की गई है। 

कांवड़ मेले के दौरान अलग अलग राज्यों से आने वाले शिवभक्तों के साथ उन्होंने पुलिसकर्मी से नरमी का बर्ताव रखने को कहा। इस दौरान एसडीएम युक्ता मिश्रा, एएसपी स्वप्न किशोर गौड़, सीओ सदर पौड़ी अनिल जोशी, सीओ नरेन्द्र नगर प्रमोद शाह, प्रशिक्षु सीओ जूही मनराल आदि मौजूद रहे। उधर, कांवड़ मेले के लिए तैयार किए गए ड्यूटी चार्ज के मुताबिक पुलिसकर्मी मंगलवार रात आठ बजे से ड्यूटी पर तैनात हो गए।
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मुनिकीरेती को दो जोन, सात सेक्टर में बांटा

सीओ नरेन्द्र नगर प्रमोद शाह ने बताया कि कांवड़ मेले के लिए मुनिकीरेती को दो जोन, सात सेक्टर में बांटा गया है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश के आईडीपीएल स्थित पार्किंग में वाहन खड़े किए जाएंगे ऋषिकेश से आने वाले कांवड़िए या तो नटराज से होकर मुनिकीरेती में प्रवेश करेंगे या फिर कैलाश गेट से। यहां पहली पार्किंग कैलाश गेट खेल मैदान में होगी। यहां के बाद कांवड़िए शिवानंद पार्किंग में वाहन पार्क कर सकते हैं। यहां जगह न मिलने पर वह तपोवन में पेट्रोल पंप पार्किंग पर वाहन खड़ा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीन एंबुलेंस ढालवाला, भद्रकाली, तपोवन में तैनात रहेंगी। 

लक्ष्मणझूला पुल न जाने को लगातार अनाउंसमेंट करें
एएसपी स्वप्न किशोर गौड़ ने पुलिसकर्मियों को लक्ष्मणझूला पुल की ओर न जाने के लिए लगातार अनाउसमेंट करने को कहा। कहा कि नरमी के साथ कांवड़ियों को लक्ष्मणझूला पुल से दूर रखा जाए। उन्होंने सभी सेक्टर प्रभारियों को अपने साथ वायरलेस सेट रखने को कहा।
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