फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: प्रदेश में बनेगा कृषि कॉरिडोर, प्राकृतिक खेती पर जोर,चयनित भूमि में नहीं होगा किसी भी तरह के रसायन

Wed, 02 Nov 2022 10:44 AM IST
रेनू सकलानी भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून

सार

किसान रासायनिक खादों का इस्तेमाल किए बिना परंपरागत फसलों की खेती करेंगे। प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 6400 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। 50-50 हेक्टेयर के कुल 128 क्लस्टर बनाए जाएंगे। 
विज्ञापन
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड में प्राकृतिक खेती पर सरकार का विशेष जोर है। इसके लिए सरकार ने पहली बार प्राकृतिक कृषि बोर्ड का गठन किया है। साथ ही नमामि गंगे प्राकृतिक कृषि कॉरिडोर और मुख्यमंत्री प्राकृतिक कृषि योजना का खाका तैयार किया गया है। तीन नवंबर को इन योजना को शुरू करने की घोषणा की जाएगी। 

विज्ञापन


प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 6400 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। यहां किसान रासायनिक खादों का इस्तेमाल किए बिना परंपरागत फसलों की खेती करेंगे। प्रदेेश भर में 50-50 हेक्टेयर के कुल 128 क्लस्टर बनाए जाएंगे।  

सम्मेलन में देंगे प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी 
कृषि निदेशक गौरीशंकर ने बताया कि तीन नवंबर को राज्य स्तरीय प्राकृतिक खेती सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें गोविंद वल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी हिमाचल प्रदेश, राष्ट्रीय एवं प्राकृतिक खेती केंद्र गाजियाबाद के विशेषज्ञ प्रदेश के किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी देंगे।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: जनवरी में शुरू होगी जनगणना, तैयारी तेज, पहली बार डिजिटल मोड में भी कराई जाएगी

किसानों की दोगुनी आय करने में प्राकृतिक खेती का अहम योगदान हो, इस दिशा में सरकार काम कर रही है। पहली बार प्रदेश में प्राकृतिक कृषि बोर्ड का गठन और मुख्यमंत्री प्राकृतिक कृषि योजना शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री इसकी घोषणा करेंगे। प्रदेश में प्राकृतिक खेती के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। -गणेश जोशी, कृषि मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें