सरकार के गैरसैंण में शीतकालीन सत्र नहीं करवाने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि वहां पहले सुविधाएं विकसित होनी चाहिए, इसके बाद सत्र होने चाहिए। केवल सत्र करवाने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ही गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का प्रयास करने की बात कही है। इस दिशा में हम आगे भी बढ़ रहे हैं। वहां दो ढाई साल में सुविधाएं विकसित हो जाएंगी। इसके बाद सत्र के दौरान सारा सरकारी अमला ले जाने में होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है। उधर, प्रदेश अध्यक्ष के बयान के बाद विपक्ष ने भाजपा पर गैरसैंण विरोधी होने का आरोप मढ़ दिया है।
भट्ट ने कहा कि पिछली बार भी जब सत्र बुलाया गया था, तो मेरे स्तर से मुख्यमंत्री को पहले ढांचागत सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया गया था। चूंकि वह पहले ही सत्र करवाने का आश्वासन दे चुके थे, इसलिए सरकार ने सत्र आयोजित किया। वहां जब सत्र के लिए जाते हैं तो तमाम परेशानियां होती हैं। वहां सुविधाओं का इतना अभाव है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को पानी तक मुहैय्या नहीं होता। यह मेरा व्यक्तिगत विचार है कि जब तक पूरी तरह से सुविधाएं नहीं विकसित हों, सत्र नहीं करवाया जाए। सुविधाएं विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता से जुटी है। अगले कुछ वर्षों में वहां पर्याप्त सुविधाएं हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा गैरसैंण की अनदेखी की नहीं बल्कि उसे विकसित करने की है। उसे सही दिशा में विकसित करने लिए भाजपा सरकार की कोशिशों का नतीजा आएगा।